वतन के डहरी पे पैहरी सो गए नींद बहुत गहरी...देशभक्ति गीत
ग्राम-वेंकटनगर, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से शांतनु पाण्डेय एक देशभक्ति गीत सुना रहे है:
वतन के डहरी पे पैहरी सो गए नींद बहुत गहरी-
यंगा वे एक वे सोए मीठे सपना में खोए-
ना जाने कब से उसने किया व्यायाम एक-
जलाए एक दिया उन वीरो के नाम-
किसी घर उन्जारे वो किसी को जान से प्यारे वो-
जलाए एक दिया उन वीरो के नाम...
Posted on: Sep 08, 2018. Tags: ANUPPUR MP SHANTANU PANDEY SONG VICTIMS REGISTER
वाह रे जनतंत्र, वाह रे जनतंत्र...कविता
कानपूर (उत्तरप्रदेश) से के एम भाई शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे हैं :
वाह रे जनतंत्र, वाह रे जनतंत्र-
भैस की पूंछ पकड़कर-
चलने की आदत हो गई-
अब तो जीत भी लोकतंत्र पर-
आफत हो गई-
अभी-अभी पता चला कि-
अभी वो तितुर से गुलाम हो गई है-
चलो एक बार फिर से-
दुनिया बहाल हो गई है-
अब तो झंडे नारे की दूकान-
फिर से खुशहाल हो गई है...
Posted on: Sep 05, 2018. Tags: KANPUR KM BHAI POEM SONG UP VICTIMS REGISTER
तोर कितना करू बखान ओ मोर सरस्वती मईया जय होवय तोर...वंदना गीत
ग्राम-मनोरा, पोस्ट-कुर्सी, थाना-जैतहरी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से राजवीर एक भजन गीत सुना रहे हैं:
तोर कितना करव बखान ओ-
मोर सरस्वती मईया जय होवय तोर-
मोर अम्बे मईया जय होवय तोर-
आवत अँगना बटोरव मईया-
तोरेच गुन ला गाव ओ-
जन्म देवइया कर्म लिखइया...
Posted on: Sep 05, 2018. Tags: ANUPPUR MP RAJVEER RELIGIOUS SONG VICTIMS REGISTER
छोटे-छोटे लईका दाई, दे दे हमला ज्ञान वो...भक्ति गीत
ग्राम-मनौरा, पोस्ट-गोरसी, थाना-जैतहरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राजवीर एक भक्ति गीत सुना रहे हैं:
ज्ञान दे दे वो ज्ञान दे दे न आयों तो द्वारे दाई-
छोटे-छोटे लईका दाई दे दे हमला ज्ञान वो-
तोरे सहारा बर माँ दे थे सब ध्यान वो-
बड़े बिहनिया सूत उठ के करथों तोर पुकार वो-
तय सुन ले मोर गोहार दाई आयों तोर द्वार दाई...
Posted on: Sep 03, 2018. Tags: ANUPPUR BHAKTI SONG JAITAHRI MP RAJVEER SONG VICTIMS REGISTER
मंदिर पूजा रोज करो तीर्थ करो हजार, मन में दया धर्म नही सब कुछ है बेकार...भक्ति गीत
ग्राम-मनोरा, पोस्ट-कुरसी, थाना-जैतहरी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से राजवीर एक भजन सुना रहे हैं:
मंदिर पूजा रोज करो तीर्थ करो हजार-
मन में दया धर्म नही सब कुछ है बेकार-
दया दे जगा माया ले जगा भोले बाबा-
ऐ भोले बाबा गा भोले बाबा गा-
माथे मा सुघर चंदा सोहे-
जटा मा गंगा के घारा...
