मेरा उम्र हुआ 55 का चाल चलन है बचपन सा...रचना-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक रचना सुना रहे हैं :
मेरा उम्र हुआ 55 का चाल चलन है बचपन सा-
हरियाली सी प्रेम सदा एक सा-
तू जिंदगी में न करना कभी भी खेती एक सा-
धान बोओगे तो कोदो जागेगा-
लोहे की खेती तुझे खूब भायेगा-
और जब तू कोयले घोटाले में फंस जायेगा-
तो तेरा बाप भी तुझे न बचा पायेगा...

Posted on: Apr 25, 2019. Tags: CG COMPOSITION KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मन के वीणा से गूंजे ध्वनि मंगलम...स्वागत गीत-

ग्राम-महेशपुर, पोस्ट-लटोरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सावित्री यादव एक स्वागत गीत सुना रही हैं:
मन के वीणा से गूंजे ध्वनि मंगलम,
स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम-
कैसा पावन सुहावन समय आज है-
आप आये अतिथियों में सरताज है-
मन के बगिया में हमने जो कलियां चुनी...

Posted on: Mar 16, 2019. Tags: CG SAVITRI YADAV SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER WELCOME SONG

स्वागत है आपका मीठी मुस्कान भरते हैं हम...स्वागत गीत-

ग्राम पंचायत-कर्री, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से संतोषी और फूलमती एक स्वागत गीत सुना रहे हैं :
स्वागत है आपका मीठी मुस्कान भरते हैं हम-
आज के दिन में हम गायेंगे-
स्वागत है आपका मीठी मुस्कान भरते हैं हम-
आज के दिन में हम गायेंगे...

Posted on: Feb 20, 2019. Tags: CG ODGI SATWANTI SHAYAMLE SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER WELLCOME

मन की वीणा से गूंजती ध्वनी मंगलम…स्वागत गीत-

ग्राम पंचायत-चपदा, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से आरन्या एक स्वागत गीत सुना रही हैं :
मन की वीणा से गूंजती ध्वनी मंगलम-
स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम-
कैसे पावन सुहावन समय आज है-
आप आये अतिथियों में सरताज हैं-
देव की भाती पूजन करें आज हम-
स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम…

Posted on: Jan 30, 2019. Tags: CG INDRASO NETAM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER WELCOME

स्वास्थ्य स्वर: बदलते मौसम में बच्चों को होने वाले सर्दी जुखाम के पारम्परिक नुस्खे...

डॉ दीपक आचार्य इस बदलते मौसम में बच्चों को होने वाली सर्दी जुखाम के पारम्परिक नुस्खे बता रहे है: मध्यप्रदेश के पातालकोट के चावलपानी गाँव है जहाँ के आदिवासी धनिया, जीरा और बज जिसे बजनाक भी कहा जाता है इन तीनों को मिला कर काढा बना लेते हैं और रात में खाना खाने के बाद देते हैं जिससे सर्दी खासी में आराम मिलता है.पातालपुर के चेम्पिपुर गाँव में बज के कंदे को बच्चों के मुंह में रख दिया जाता है जिससे छाती के बने कफ धीरे धीरे बाहर निकल जाता है.प्याज का रस और शहद भी सर्दी और खासी भी बहुत लाभदायक होता है, एक बड़ा चम्मच प्याज का रस लें और डेढ़ चम्मच शहद मिला कर चार घंटे रख दे फिर सर्दी जुखाम से पीड़ित बच्चों को पिलाएं काफी आराम मिलता है.पातालकोट के करेयाम गाँव के आदिवासी बाजरे की रोटी बनाते हैं और इसके साथ लहसुन, बैंगन और मेथी के सब्जी के साथ खाते हैं. इनका मानना है कि ऐसे भोजन करने से पेट कि गर्मी निकलती है जिससे सर्दी पर असर पड़ता है.डांग गुजरात के आदिवासी एलोवेरा के पत्तियों को भुन कर उसका रस निकालते हैं.इस रस में शहद और लौंग का चूर्ण मिला देते हैं. दिन में दो बार बच्चों को देने से काफी आराम होता है.

Posted on: Sep 24, 2018. Tags: AHMEDABAD COUGH DEEPAK ACHARYA GUJRAT HEALTH SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER

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