डोंडारी मावा डोमचा मावा एन्दवाले मनुम...गोंडी डेम्सा गीत
ग्राम-केसलापुर, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से स्कूल के कक्षा 8 की छात्रा जय लक्ष्मी एक गोंडी डेम्सा गीत सुना रही हैं:
रेला रेला रेला रे रे ला-
डोंडारी मावा डोमचा मावा-
एन्दवाले मनुम-
गंगा मावा सिंधू मावा-
भारतीय देशसुमा-
डोंडारी मावा डोमचा मावा-
कड़ा मावा नदी मावा-
मरता पोरोल-
देश मावा...
Posted on: Sep 17, 2018. Tags: ADILABAD BHAN SAHU DEMSA GONDI SONG TELANGANA
विरल-विरल तुरी उमर चितोरी...गोंडी बाल गीत
ग्राम-पंचायत-बड़ेबेटिया, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से स्कूल की कक्षा 3 की छात्रा कुमारी लिलिमा उसेंडी एक गोंडी गीत सुना रही हैं:
विरल-विरल तुरी उमर चितोरी-
तनी उम्र मार-मार चल चितोरी-
बेंड बाजा मोके पडला मू-
ओ बेंड बाजा-
विरल-विरल तुरी उमर चितोरी-
बेंड बाजा मोके पडला मू-
तनी उम्र मार -मार चल चितोरी...
Posted on: Sep 17, 2018. Tags: CG CHILDREN GANESH AYAM GONDI KANKER KOELIBEDA SONG
तय जबाब देदे टुरी मय गावत हो ददरिया जबाब देदे...ददरिया गीत
ग्राम+पोस्ट-कोट्या, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक ददरिया गीत सुना रहे है:
तय जबाब देदे टुरी मय गावत हो ददरिया जबाब देदे-
तय जबाब देदे टुरी एक पहिया के बेटी ताय जबाब देबे-
आधी-आधी रतियाँ के कइसन बजार कोने हर ठाड़ है नदियाँ के पार-
तय जबाब देदे टुरी मय गावत हो ददरिया जबाब देदे-
केसे के आमा डारो नई होईस येदे रास्ता के रेगवैया देखले मीठ-
तय जबाब देदे टुरी मय गावत हो ददरिया जबाब देदे...
Posted on: Sep 17, 2018. Tags: CG DADRIYA MEWALAL DEWANGAN PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
ये तुलसी के रचना वाणी ये राम के अमर कहानी ये...रामचरित मानस पाठ
भोरमदेव वनांचल, ग्राम-रौचन, विकासखंड-बोड्ला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू एक रामायण भजन सुना रहे हैं:
विप्र धेनु सुर संत हित लीन मनुज अवतार-
निज इच्छा निर्मित माया गुण गोपाल-
ये तुलसी के रचना वाणी ये राम के अमर कहानी ये-
ये काया तर जाहि रे संगी ये चोला तर जाहि न-
तय राम के नाम भाजेजा ये चोला तर जाही न-
ये संगवारी तय बहिनी तय राम के नाम जपेजा...
Posted on: Sep 17, 2018. Tags: AMIT SAHU BODLA CG KABIRDHAM RELIGIOUS SONG VICTIMS REGISTER
पडोसी ठीक रहे या न रहे साथ तो निभाना ही पड़ता है, समझौता करना ही पड़ता है...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं: पत्नी ने कहा पडोसी कैसा है मैने कहा अच्छा है- जब रात के अँधेरे में कांच के टुकड़े बिखेर देता है दरवाजे के बाहर पत्नी को समझा दिया हूँ- बच्चों को नंगे पैर निकलने नही देना- बूढी माँ पैर पर चप्पल पहनकर निकले- पडोसी के बच्चों से सम्मान स्नेह रखें- पत्नी को समझ दिया हूँ- पत्नी ने पूछा पडोसी कैसा है- मैंने कहा अच्छे हैं- छन्न से कांच के टुकड़े कि आवाज आई मैंने समझ गया पडोसी अच्छा नही है- पडोसी ठीक रहे या न रहे साथ तो निभाना ही पड़ता है- समझौता करना ही पड़ता है: कन्हैयालाल पडियारी@9981622548.

