मच्छर दादा मच्छर दादा मेरे घर तुम ना आना...बाल कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे हैं:
मच्छर दादा मच्छर दादा मेरे घर तुम ना आना-
मेरे घर में आकर तुम अपना सुई ना चुभाना-
बड़ा दर्द होता हैं पड़ता है खुजलाना-
लाते हो तुम मलेरिया हैजा सभी ने यही हैं जाना-
तुम चुपके- चुपके आकर कानों में ना भुनभुनाना-
तुम आकर काटते हो तो पड़ता हैं अस्पताल जाना...
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG CHILDREN KANHAIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : झड़ते बालो का घरेलू उपचार...
प्रयाग विहार कादरिया मस्जिद के पीछे, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच.डी.गाँधी झड़ते बालो की घरेलू उपचार बता रहे हैं: गवार पट्टा (एलोवेरा) 50 ग्राम, आँवला फल का चूर्ण 50 ग्राम, शिकाकाई फल का चूर्ण 50 ग्राम और नीम की पत्ती का चूर्ण 50 ग्राम इन सब को साफ कर पानी में मिलाकर पेस्ट बना ले और सुरक्षित रख ले, सप्ताह में 2 बार इस पेस्ट को बालों के जड़ो में लगाए और एक घंटे के बाद गुनगुना पानी से धोए | इसके अलावा इन सामग्री को पानी की जगह शहद मिलाकर पेस्ट बना ले और उसको 15 दिन में एक बार जरुर लगाए, इससे झड़ते बालो की समस्या खत्म हो जाएगी और भ्रमराज केप्सूल, भ्रमराज तेल का उपयोग कर सकते हैं, अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते हैं@9111061399
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
हे येलो झेलो कनकी नूका झाजी रो हे येलो झेलो...गोटुल गोंडी नृत्य गीत
ग्राम-मेकावाही, पंचायत-शंकरनगर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ आदिवासी युवक युवतियां गोटुल में नृत्य करती हुए एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रे रेलों येलो झेलो कनकी नूका-
झाजी रो हे येलो झेलो-
जावा लहकी किम रोय हे येलो झेलो-
निमा बेके दाकिरा ये दादा झेला-
हिप्या पिटे जोड़ी रो ये येलो झेलो-
जोड़ी पड़की दाका रो हे येलो झेलो-
नना वेने वायका ये दादा झेला...
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG GONDI GOTUL KANKER MOHAN YADAV SONG
वनांचल स्वर : सड़क नहीं है तो हम लोग जंगली देशी जड़ी-बूटियों से बीमारियों का इलाज करते है...
ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, प्रखण्ड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुरजू दुग्गा बता रहे हैं कि उनके गाँव में रोड और नदी पर पुल नही है आने जाने में बहुत परेशानी होती है बीमार हालत में अस्पताल जा नही पाते हैं, इसलिए अधिकतर वे अपने इलाज जंगली जड़ी-बूटी से करते हैं, गाँव में अनेक तरह के गुनिया, वैद्य हैं जो अलग-अलग बीमारियों का इलाज करते हैं| उन्ही के पास से देशी उपचार करवाते हैं, जैसे सांप, बिच्छु, मलेरिया, पेट में दर्द, सर्दी खांसी का पूरा इलाज देशी जड़ी-बूटी से करते हैं इनका असर नहीं होने से अंगरेजी दवाइयों का उपयोग करते हैं, ये सभी औषधीय पेड़-पौधे हमारे जंगल में ही मिल जाता है उनकी सुरक्षा करनी चाहिए...
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG KANKER KOELIBEDA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
अयो अबा सान्गे दूलर तिरा ओत पीयर तिरा ओत गा पूप्ले खा...कुडुक भाषा में गीत
ग्राम-भुरभुसी, पंचायत-जबेली, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से निर्मला, बेरनादी टोप्पो और जयमंत एक्का उरांव आदिवासियों की कुडुक भाषा में एक गीत सुना रहे हैं:
अयो अबा सान्गे दूलर तिरा ओत पीयर तिरा ओत गा पूप्ले खा-
इना सैली कालो तो भूले रत कालो निला सैली कालो तो भूले रत कालो-
भैया-बहिन सान्गे दूलर तिरा ओत पीयर तिरा ओत गा पूप्ले खा-
इना सैली कालो तो भूले रत कालोत निला सैली कालोत तो भूले रत कालो
संगी साथी सान्गे दूलर तिरा ओत पीयर तिरा ओत गा पूप्ले खा...
