झनक झनक बाजे पायलिया प्रीत के गीत सुनाते पायलिया...गीत-
दीपक कुमार मुंगेर बिहार से एक गीत सुना रहे हैं:
झनक झनक बाजे पायलिया प्रीत के गीत सुनाते पायलिया-
झनक झनक बाजे पायलिया 2 प्रीत के गीत सुनाते पायलिया-
रंग महल और रैन सुहानी छम छम नाचे मस्त जवानी-
झनक झनक बाजे पायलिया प्रीत के गीत सुनाते पायलिया-
मैं लहरों में खोया जाऊँ महलों में खोया जाऊँ ऐसे धूम मचाऊँ पायलिया-
झनक झनक बाजे पायलिया प्रीत के गीत सुनाते पायलिया...
Posted on: Jun 11, 2022. Tags: BIHAR DEEPK KUMAR MUNGER SONG
शौचलय अधुरा पड़ा है जिसके कारण शौच के लिये बाहर जाना पड़ता है जिससे कोई दुर्घटना होने दर बना रहता
ग्राम पंचायत-बड़े करमा, ब्लाक-दर्भा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से रामसिंह बघेल बता रहे हैं उनके गांव में 20 घर में शौचालय पूरा नहीं बना है, अधुरा बना कर छोड़ दिए है| जिसके कारण शौच के लिये बाहर जाना पड़ता है जिससे कोई दुर्जाघटना होने दर बना रहता है और बरसात के दिनों में बाहर नहीं जा सकते है इसके लिए गाँव के सरपंच, सचिव के पास आवेदन किया लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे, इसलिये साथी सीजीनेट स्वर के श्रोताओं से निवेदन कर रहे हैं कि दिये गये नंबरों पर बात कर समस्या को हल कराने में मदद करें: संपर्क नंबर@6260256870, सरपंच@9399311762, सचिव@9479278597,
Posted on: Jun 11, 2022. Tags: BADEKARMA BASTAR CG DARBHA PROBLEM RAMSINGH BAGHEL TOILET
झारा इल बाल लहंगा सम्हाला साइया...भोजपुरी गीत
बिहार से रोशन कुमार एक भोजपुरी सुना रहे हैं:
झारा इल बाल लहंगा सम्हाला साइया-
पातर कनिहा डोले रे – नदियाँ के बची जैसे नइया डोले-
वैसे मोर सइया डोलो रे-
झारा इल बाल लहंगा सम्हाला साइया...
Posted on: Jun 10, 2022. Tags: BHOJPURI BR ROSHAN KUMAR SONG
रामा झुमय नारंगिया की डाल कोयल...गीत-
प्रयागराज, उत्तरप्रदेश से संजय कुमार प्रजापति एक गीत सुना रहे हैं:
रामा झुमय नारंगिया की डाल कोयल-
एक बोलय कोयलिया एक बोलय हो-
रामा मगन सीता मांगन विधि पुरवाई हो-
रामा झुमय नारंगिया की डाल कोयल...
Posted on: Jun 10, 2022. Tags: PRAYAGRAJ SANJAY KUMAR PRAJAPTI SONG UP
परसों परसों नरसों बरसोंजुग बीते जाल कहाँ रहती है...भक्ति गीत
भदौनी (उत्तर प्रदेश) से अजय कुमार मिश्रा सरस्वती वंदना सुना रहे हैं:
परसों परसों नरसों बरसोंजुग बीते जाल कहाँ रहती है-
प्रेमसुधा रस इन दोनों सेतीस प्रेमी का सुख ही आहें भारती है-
स्वास ही स्वास में कण भर ले कबहु न धनिस ते तिलती है – मोहउ पुकारके देहु भई जब लंबू जी लंबू कहा करती है-
खड़ी हो कटाक्ष करके एक नेत्र कटाक्ष नेत्र काल-
भगवान तुम्हारी अरमान मिटाए जाते हैं-
आशाओं को क्षीण कर मृत्यु में मिलाए जाते हैं...
