स्वास्थ्य स्वर : जलोदर बीमारी को ठीक करने का घरेलू नुस्खा...
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल जलोदर बीमारी को ठीक करने के लिये घरेलू नुस्खा बता रहे हैं| गुलबास की पत्ती 50 ग्राम लेकर पानी के साथ पीसकर छान लें और रख लें| रोगी को दिन में 4 बार सेवन करायें लाभ हो सकता है| दूसरा उपचार करौंदे के पत्ते का रस 10 मिली लीटर की मात्रा में सेवन करना है| उसके बाद 20 मिली लीटर देना है, इस प्रकार बढ़ाते हुये मात्रा में 10 दिन तक देना है| उसके बाद घटाते हुये मात्रा में देना है| इसका सेवन सुबह करें| संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं| संपर्क नंबर@9826040015. (AR)
Posted on: Jan 03, 2021. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIA SONG VICTIMS REGISTER
मईया जी सुनियो हमर विपतिया...गीत-
ग्राम-मानापति, पोस्ट-हठापुर, थाना-बासोपति, जिला-मधुबनी (बिहार) दीपक कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
मईया जी सुनियो हमर विपतिया...
अपने गीत संदेशो को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Jan 03, 2021. Tags: BHAJAN SONG VICTIMS REGISTER
ये दुनिया के लोभ लालच में ना जाबे रे मनवा... नागपुरी गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खोल्खो एक नागपुरी गीत सुना रही है:
ये दुनिया के लोभ लालच में ना जाबे रे मनवा-
दुनिया में पाप आहे पाप से भरल आहे ये दुनिया में-
चारों कोना में चारों में आहे अंधियारा-
दुनिया के चोरी हारी में ना जाबे रे मनवा-
पाप आहे पाप से भरल आहे ये दुनिया में-
चारों कोना में चारों में आहे अंधियारा-
ये दुनिया के लोभ लालच में ना जाबे रे मनवा...(183426) MS
Posted on: Jan 02, 2021. Tags: NAGAPURI SONG VICTIMS REGISTER
समय नके रे भाई मन आत्मा के सिंगरावा...नागपुरी गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खोल्खो एक नागपुरी गीत सुना रही है:
समय नके रे भाई मन आत्मा के सिंगरावा-
दिन बीतथे रे बहिन मन आत्मा के सजावा-
हायरे दुनिया मिट जा हायरे सुंदर काया मट्टी में मिल जा-
समय नके रे भाई मन आत्मा के सिंगरावा-
येशु के वचन के आवा सुना भैया-
महसी के वचन के दिल में जुगावा-
समय नके रे भाई मन आत्मा के सिंगरावा...(183425) MS
Posted on: Jan 02, 2021. Tags: NAGAPURI SONG VICTIMS REGISTER
देख तेरे संसार कि हालत क्या हो गई भगवान् कितना बदल गया इंसान...गीत
जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से महेंद्र उइके एक गीत सुना रहे हैं-
देख तेरे संसार कि हालत क्या हो गई भगवान् कितना बदल गया इंसान-
चाँद न बदला सूरज न बदला न बदला रे आसमान कितना बदल गया इंसान-
आया समय बड़ा बेढंगा, आज आदमी बना लफंगा-
कहीं पे झगड़ा कहीं पे दंगा,नाच रहा नर होकर नंगा-
छल और कपट के हाथो अपना बेच रहा ईमान... (181113) MS
