गर तुझको जिहाद छेड़नी है, तो बुराई से छेड़...शिक्षा पर कविता
ग्राम-धीरी, पोस्ट-जैतपुरी, तहसील-बैहर, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से जगदीश कुमार मरकाम शिक्षा को लेकर एक कविता सुना रहे है :
गर तुझको जिहाद छेड़नी है, तो बुराई से छेड़-
गर और चाहे हर ओर खुशी, शुरु हो भौर पड़ाई से-
झूठ कपट, बैमानी का , फ़ैला जो जंजाल-
कसम उठा ले इन्हें मिटाने, हो शिक्षित तत्काल-
भारत की पावन धरती से, सारे असत्य मिटा दे-
वीर देश का वीर पुत्र तू, जग को नई दिशा दे...
Posted on: Feb 23, 2019. Tags: JAGDISH KUMAR MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
माटी होही तोर चोला रे संगी...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-रामनगर, पोस्ट-महेवा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी शांती एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही हैं :
माटी होही तोर चोला रे संगी – माटी से उपजे माटी मा बढ़े माटी मा मिलना है तोला – माटी के घर मा माटी के भुईयां – लाख जतन करे माटी के दुनिया – बड़े मन के नई बाचिस कौन कहे अब तोला – चारेच दिन के सुघर मेला आखिर में सब माटी के ढेला...
Posted on: Feb 23, 2019. Tags: KUMARI SHANTI SONG VICTIMS REGISTER
नगर निकाय चुनाव नजदीक महिला प्रत्याशी गुडिया देवी से खास बातचीत
सुनील कुमार, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से यात्रा के दौरान ,जिले में हो रहे चुनाव् में उतरी महिला प्रत्याशी गुडिया देवी से खास बातचीत-
जिला-मुजफ्फरपुर के नगर निगम के वार्ड क्रमांक- 42 में लगातार तीन वर्षों से सरकार महिला सीट ही दे रही है जिससे यह पता चलता है कि राजनीति के क्षेत्र में भी महिलाओं की अच्छी भागीदारी हो रही है जिसके तहत इस वर्ष महिला प्रत्याशी गुडिया देवी मैदान है | वो कह रही हैं की जो भी निचले वर्ग के लोग हैं हम उनके साथ काम करना चाहते हैं उनकी समस्याएं जैसे राशन कार्ड ,पेंशन आदि में उनकी सेवा करना चाहते हैं जो भी कमियां हैं उनको पूरा करने की बात कह रही है साथी उन्हें शुभकामनाए दे रहे हैं | सुनील कुमार@9308571702
Posted on: Feb 22, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
वे लतीफों पर हँसेंगे, व्यंग्य मत करना...रचना
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार, गीरीश पंकज की रचना को सुना रहे है :
वे लतीफों पर हँसेंगे, व्यंग्य मत करना-
आप सम्मानित रहेंगे, व्यंग्य मत करना-
ये सियासी और खा-पी कर अघाए लोग-
चुटकुले इनको पचेंगे, व्यंग्य मत करना-
अब यहाँ हर सिम्त झूठे लोग हिट होंगे-
आप जाने क्या कहेंगे, व्यंग्य मत करना-
किसको लगती है भला कड़वी दवा अच्छी-
लोग बस मीठा चखेंगे, व्यंग्य मत करना-
कान लोगों के यहाँ अब सच नहीं सुनते-
आप पर पत्थर चलेंगे, व्यंग्य मत करना...
Posted on: Feb 22, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
स्वामी विवेकान्द उनको अकाल में म्रत्यु लोगो के बारे में सोच रो रोकर बताते जाते...किस्सा
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार स्वामी विवेकान्द जी से सम्बन्धित किस्सा सुना रहे है, बहुत समय पहले की बात है बंगाल में जबदस्त अकाल पड़ा उस समय इंसान से लेकर जानवर सब परेशान हुए यह देखकर विवेकानन्द अपने अनुयायियो समेत सेवा में लग गए, लोगो की तकलीफ़ देख विवेकानन्द अन्दर ही अन्दर बहुत दुखी हो जाते, एक दिन ब्राह्मणों का एक दल मिलने आया वह दल अध्यातम में ख़ुद को बहुत समझता था, विवेकानन्द उनको अकाल में म्रत्यु लोगो के बारे में सोच रो रोकर बताते जाते और सिसक सिसक कर रोते जाते आँखों के आंसू गर्दन तक आ रहे थे, यह देख दल में शामिल सभी ब्राह्मण चुपके चुपके हसने लगे विवेकानन्द ने उनसे पूछा क्यों हस रहे है तो दल में से एक सदस्य उठकर बोला एक सन्त को कष्ट में रोना नही चाहिए, तभी स्वामी जी उठे और एक पौधे की बड़े वहा से एक हरी छड़ी लाकर दल के सभी लोगो को पीठ पर छड़ी बरसाने लगे तभी सब चीखने चिल्लाने लगे तभी विवेकानन्द ने कहा यह मक्कारी नही चलेगी तुम सब तो दर्द पर विजय पा चुके हो फिर चीख क्यों आंसू क्यों, जो इन्सान की तकलीफ़ पर नही रोए वह सन्त हो ही नही सकता |


