हम लोगों को साल भर से विधवा पेंशन नही मिल रहा है, जो कागज माँगा जमा भी कर दिए हैं ,
नवलपुर, ग्राम-पीपरखुठी, ब्लॉक-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से ग्रामीण बुज़ुर्ग महिलाएं हेमकली बाई और दीपा बाई 1 साल से विधवा पेंशन नही मिलने की समस्या के बारे में बता रही है| इस समस्या के सन्दर्भ में सरपंच सचिव को कई बार बोला गया है, लेकिन ध्यान नही दे रहे है| सचिव सरपंच के द्वारा खाता नम्बर आधारकार्ड भी ले गये है लेकिन पैसा अभी तक नही मिला है|इस समस्या को लेकर 15 दिन पहले भी सीजीनेट में सन्देश रिकॉर्ड किया गया है. कृपया मदद करे. इन नम्बरों पर फोन कर दबाव डाले ताकि विधवा पेंशन मिल सके: सरपंच@7089664754. नरेश बुनकर@8720822286.
Posted on: May 06, 2018. Tags: NARESH BUNKAR SONG VICTIMS REGISTER
तोला मै देखों बजार डोंगरी मा...छत्तीसगढ़ी मेला गीत
ग्राम-लुढूटोला, पंचायत-दमगढ़, थाना-कुकदुर, विकासखंड-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से भुकलूराम पंदराम अपने क्षेत्र के डोंगरी में लगने वाले मेले पर एक गीत सुना रहे हैं :
तोला मै देखों बजार डोंगरी मा-
तोला आही कहिके देखो चिरैया छोटे डोंगरी मा ना रे दोस-
आना माया दे जाना छोटे डोंगरी मा-
आना माया ले जाना छोटे डोंगरी मा-
तोर मोर मिलना होही आधी रात मा-
जहा चलही छत्तीसगढ़ी प्रोग्राम भुकलू के सांथ मा रे मयारू...
Posted on: May 06, 2018. Tags: BHUKALURAM PANDRAM SONG VICTIMS REGISTER
आषाढ़ सावन गिरेला पानी, का बतावा में संगवारी...छत्तीसगढ़ी गीत
लुढूटोला, ग्राम-दमगढ़, विकासखण्ड-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से भूकलूराम पंदराम एक गीत छत्तीसगढ़ी में सुना रहे है:
आषाढ़ सावन गिरेला पानी, का बतावा में संगवारी-
जल्दी उठ जाबे कईथे, खेत दहर मोर रानी-
झन जगाना झन जगाना बाई हो, नींद लगत है मोला-
नागर, बैला ला धर के बाई, खेत दहर में जाथ हो-
जल्दी बासीला लाबे बाई, नही तो भूखा जाथ हो-
आषाढ़ सावन गिरेला पानी, का बतावा में संगवारी...
Posted on: May 06, 2018. Tags: BHUKLURAM PANDRAM SONG VICTIMS REGISTER
जीवन में कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो...गीत
ग्राम-लांजीत, विकासखण्ड-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मंजू सिंह एक गीत सुना रही है:
जीवन में कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो-
आगे-आगे बढ़ना है तो, हिम्मत हारे मत बैठो-
चलने वाला मंजिल पाता, बैठा पीछे रहता है-
ठहरा पानी सड़ने लगता, बहता निर्मल होता है-
तेज़ दौड़ने वाला खहरा, दो पल चलकर हार गया-
धीरे-धीरे चलता कछुआ, देखो बाज़ी मार गया-
धरती चलती तारे चलते, चाँद रात भर चलता है-
किरणों का उपहार बाटने, सूरज रोज़ निकलता है...
Posted on: May 06, 2018. Tags: MANJU SINGH SONG VICTIMS REGISTER
शिक्षा के नाम पर सरकार स्कूल बिल्डिंग बनाती है पर शिक्षक ही नहीं हैं, शिक्षको पर ध्यान दें...
ग्राम-कुप्पी, तहसील-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अध्यापक मरकाम जी आदिवासी समाज में शिक्षा की कमी के बारे में बता रहे है, मूल कारणों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए वह पर नही कर रही है| आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्कूल भवन तो बना दिए पर वहा पर पढ़ाने के लिए शिक्षक की कमी है, शिक्षकों की कमी के चलते भी आदिवासी अंचल के बच्चे एवं लोगो का साक्षर नहीं होना बड़ा कारण रहा है| शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के अलावा शासन के दूसरे काम भी करवाते है, सरकार से अपेक्षा है इस ओर ध्यान देकर खाली पड़े पदों वहा नियुक्ति करे ताकि बेहतर शिक्षा दे सके, जिससे सरकार की मंशा भी बने यह सफल होगी.

