स्वास्थ्य स्वर :कमजोरी दूर करने का घरेलू उपचार बता रहे हैं:
प्रयाग,विहार,मोतीनगर,रायपुर (छत्तीसगढ़ ) से एच डी गांघी कमजोरी दूर करने का घरेलू उपचार बता रहे हैं:
संतरे का रस एक कफ, एक चुटकी काली मिर्च,एक चुटकी सेंधा नमक इन सब को मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें इससे लाभ हो सकता है
अधिक जानकारी के लिये संपर्क करें@9111061399.
Posted on: Jun 12, 2022. Tags: CG DEPARTMENT HELTH RAIPUR
सहकार रेडियो: ज्ञान विज्ञान एलिजाबेथ कैडी स्टैंटन – तान्या ली स्टोन/स्वर - गीता चौबे
श्रोताओं, सहकार रेडियो के कार्यक्रम “बाल चौपाल” के अंतर्गत ज्ञान-विज्ञान की शृंखला में आज आप सुनेंगे अमेरिका में महिला अधिकार आंदोलन की नेता एलिजाबेथ कैडी स्टैंटन के जीवन के बारे में महत्वपूर्ण और संक्षिप्त जानकारियां| इसे लिखा है तान्या ली स्टोन ने| आवाज़ है मुंबई, महाराष्ट्र से साथी गीता चौबे की| ध्वनि सम्पादन किया है शिल्पी ने|
कार्यक्रम की यूट्यूब लिंक:
https://youtu.be/8N7fqrKGMXI
https://www.sahkarradio.com/chart/gyaan-vigyan-elizabeth-cady-stanton/
ये पुस्तिका हमने साभार ली है वेबसाइट https://epustakalay.com/ से| चित्र पुस्तिका से ही लिए गए हैं|
Posted on: Jun 11, 2022. Tags: SAHKAR RADIO
कहा मेर होते गिरौदपुर गांव मैहा...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-रनपोटा, तहसील-करौदा, जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से कृष्ण कन्हैया साथ में चन्द्रिका बाई एक गीत सुना रहे है:
कहा मेर होते गिरौदपुर गांव-
मैहा ढूंढत आहू गा बाबा-
के मेला होथे जंगल में खोजत आहू गा-
कहा मेर होते गिरौदपुर गांव-
आंवला धावरा पेड़ तरी ध्वनि रमा-
कहा मेर होते गिरौदपुर गांव...
Posted on: Jun 11, 2022. Tags: CG CG SONG JANJGIR CHANPA
रोजगार गारंटी योजना के तहत् काम कियें थे, उसका भुकतान नहीं हुआ है-
ग्राम पंचायत-रायगुडी, ब्लाक-लोहांडीगुडा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से मुकुद कश्यप बता रहे हैं वे लोग रोजगार गारंटी योजना के तहत् काम कियें थे| लेकिन अभी तक उनका मजदूरी भुकतान नहीं हुआ है| इसलिए साथी सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं कि दिये गये नंबरों पर बात करके समस्या का समाधान कराने में मदद करें: संपर्क नंबर@9390364411,
Posted on: Jun 11, 2022. Tags: BASTAR CG LOHANDIGUDA PAYMENT PROBLEM
आदिवासी जंगल में नाचते गाते हैं...गीत-
जिला-राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंद्रव गीत सुना रहे है|
महुआ ही पीते हैं महुआ ही खाते हैं-
आदिवासी जंगल में नाचते गाते हैं-
आदिवासी जंगल में मंगल मनाते हैं-
अपने जीवन को सुखमय मनाते हैं-
रोगी हुए तो जड़ी बूटी है-
रोगों से हो जाती जल्दी छुट्टी है-
स्वस्थ है मस्त है बॉडी जबरजस्त है-
घर में गरीबी है फिर भी नहीं कष्ट है...
