बोगदा पहाड़ मुसियारी के घाट...पारम्परिक लोकगीत -
ग्राम-कटोथिया, पंचायत-ठेंगाडांड, ब्लॉक-पेंड्रा, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से रामसिंह एक पारम्परिक लोकगीत सुना रहे है :
बोगदा पहाड़ मुसियारी के घाट-
चल संगी तोहला घुमा के लाऊ ना-
पाके पाके चार तेंदू, तोला खवाके लाऊ ना-
फागुन ना रइसे लाइट बत्ती, बोगदा ज के अंधियार-
अब तो लग गई लाइट बत्ती, बोगदा कर बो पार-
की बोगदा पहाड़ मुसियारी के घाट-
चल संगी तोहला घुमा के लाऊ ना...
Posted on: Jun 01, 2017. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAWLE VICTIMS REGISTER
झुमुक साय रेला रे रे रेला रे रेला रेला रे रेला...गोंडी विवाह गीत-
ग्राम-चिचाड़ी, विकासखंड-फरसगाँव, जिला-कोंडागाँव (छत्तीसगढ़) से भूपेंद्र सिंह मरकाम एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे है :
झुमुक साय रेला रे रे रेला रे रेला रेला रे रेला-
जौहर-जौहर बुडाल पेन, जौहर कियाल तोना निकुन-
जौहर-जौहर ठाकुर दाई जौहर-जौहर ठाकुर दाई-
जौहर कियाल तोना निकुन, जौहर कियाल तोना निकुन-
जौहर-जौहर भीमल पेन जौहर-जौहर भीमल पेन-
जौहर कियाल तोना निकुन, जौहर कियाल तोना निकुन...
Posted on: Jun 01, 2017. Tags: BHUPENDRA SINGH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
सीजीनेट में रिकॉर्ड करना और समूह बना के रखना...सीजीनेट पर गीत -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक गीत सुना रहे है :
सीजीनेट में रिकॉर्ड करना, और समूह बना के रखना-
सीजीनेट में रिकॉर्ड करना, एकता बना के रखना-
हम चलेंगे छाती तान के और दशहरा धाम के-
हम चलेंगे गंगा दशहरा, धाम के-
सीजीनेट में रिकॉर्ड करना और समूह बना के रखना-
सीजीनेट में रिकॉर्ड करना, एकता बना के रखना...
Posted on: Jun 01, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
बहुत बढ़ी महंगाई साहब, बहुत बढ़ी महंगाई...बघेली कविता
ग्राम-डभौरा, जिला-रीवा (म.प्र.) से अरुण प्रताप सिंह के साथ एक बालक रोहना प्रसाद सिंह हैं जो एक बघेली कविता सुना रहा हैं:
बहुत बढ़ी महंगाई साहब,बहुत बढ़ी महंगाई-
तेल बिना भय सुनी कढाई कैसे कय लागे चोउका-
इतनी महँगी गैस न बरइ दुलई छुला दोउका-
दार खाए का सब्जी मनई रोज घुलाती सोती
बहुत बढ़ी महंगाई साहब...
Posted on: Jun 01, 2017. Tags: Arun Pratap Singh SONG VICTIMS REGISTER
गोंड आदिवासी समाज और उनके देवी देवता ( गोंडी में सन्देश) -
जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से नरसिंह राव मड़ावी के साथ में आज चाहाकाडी दसरू जी हैं जो गोंडी भाषा में बोल रहे है कि गोंड समाज और उनके देवी देवताओं का निर्माण कैसे हुआ है. चार देव का निर्माण कैसे हुआ है | हमारे इतने बड़े समाज का निर्माण कैसे हुआ है और 5 देव, 6 देव, 7 देव आदि इस तरह से कई रूप में हमारे देव है और कैसे उनका जन्म कैसे हुआ है ये सब आदिवासियों के घट कहलाते है और इसी के अनुसार हमारे रीति-रिवाज और कानून चलते हैं ऐसा इनका कहना है | वे बता रहे कि कुपार लिंगो और जंगो बाई रायतार गोंड समाज के देवी देवता हैं जिनकी वे पूजा करते हैं यह सब व्यवस्था कैसे बनी इसके बारे में जानना चाहिए. नरसिंह राव मड़ावी@9618275718
