छोड़े के होई ये सुंदर काया के...मसीह गीत-
ग्राम-जिनवार, पंचायत-पर्रा, तहसील-राजपुर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खलखो एक गीत सुना रही हैं :
छोड़े के होई ये सुंदर काया के-
भूल के होही ये सुंदर माया के-
पहे लागिन मनवा रे जाईन ले-
ईशु के दिन अपन दे दे-
पहे लागिन मनवा रे भुईच ल-
हंस के दिन अपन देई दे...
Posted on: Jun 13, 2019. Tags: BALRAMPUR CG SANDHYA KHALKHO SONG VICTIMS REGISTER
आना ओ बईठ ले, आना ओ बईठ ले...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से हेमसिंह मरकाम एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
आना ओ बईठ ले, आना ओ बईठ ले-
आये रानी तै पानी भरे ओ-
आगू बढ़ेला तोर बाप ला डरे ओ-
दुनिया के मोला नहीये फिकर ओ-
दगा झन देबे मोला-मोला-
आना ओ बईठ ले, आना ओ बईठ ले...
Posted on: Jun 09, 2019. Tags: CG HEMSINGH MARKAM KABIRDHAM SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : जल जाने पर राहत पाने का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोनिनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी जल जाने पर राहत पाने का घरेलू उपचार बता रहे हैं| तीली तेल 50 ग्राम और चावल कच्चा 50 ग्राम दोनों को पीसकर, जले हुये, स्थान पर लगायें| जिससे जलन से राहत मिल सकती है| और फोड़े होने की संभावना कम हो जाती है| इसका उपयोग दिन में दो बार करें| इसे धोने की जरुरत नहीं होती| लेप के ऊपर दूसरा लेप लगा सकते हैं| आराम होने तक इस लेप का उपयोग किया जा सकता है| बैगन, चना, मटर, मसूर, उड़द की दाल का प्रयोग न करें| गुड़, मछली का प्रयोग न करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: Jun 08, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
हरे तो पोडकी रेंगे, रेंगे बर...गंगा दशहरा गीत-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक गंगा दशहरा गीत सुना रहे हैं:
हरे तो पोडकी रेंगे, रेंगे बर-
सुग्घर नरी छतका सजी रे हो-
संगी छोले तो ढाना टारेठारिया-
मोर नवेर देबे देला की-
संगी ये खोदो घाना ठरेठा हडिया...
Posted on: Jun 05, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
की जीना है रे रवा जाये, जैहो आ, झोला धर चल दशरहा रे...दशरहा गीत-
ग्राम-देवरी, पोस्ट, थाना-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया दशहरा गीत सुना रहे हैं :
की जीना है रे रवा जाये, जैहो आ-
झोला धर चल दशरहा रे-
कि संगी रेंगे कर मेरवा जाये लईका आज-
की जीना है रे रवा जाये, जैहो आ-
झोला धर चल दशरहा रे-
कि संगी रेंगे कर मेरवा जाये लईका आज...
