स्वास्थ्य स्वर : डायबटीज का घरेलू उपचार-

ग्राम-रहेंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा डायबटीज का घरेलू उपचार बता रहे हैं| 100 ग्राम आंवले का चूर्ण, 100 ग्राम हल्दी का चूर्ण, 100 ग्राम मेथी का चूर्ण लें| सभी को एक-एक चम्मच सुबह शाम पानी के साथ भोजन से पहले सेवन करें| भोजन में मीठी चीजें, चावल, आलू का सेवन न करें| सुबह शाम टहलें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : चंद्रकांत शर्मा@9893327457.

Posted on: Jan 30, 2021. Tags: HEALTH SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : कुम्भी का औषधीय उपयोग...

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला कोरिया (छतीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल कुम्भी का
औषधीय उपयोग बता रहे हैं| कुम्भी के छाल का उपयोग सूखी खासी, मूत्र रोग, बबासीर, चर्म रोग में होता है| इसके छाल का रस पीने और छाल का लेप सर्प काटे स्थान पर लगाने से विष का असर कम हो सकता है| संबंधित विषय पर जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं| संपर्क नंबर@9826040015. (AR)

Posted on: Jan 21, 2021. Tags: HEALTH SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर: पायरिया का घरेलू उपचार...

मोती नगर रायपुर (छत्तीसगढ़) से डॉ एच डी गाँधी पायरिया दाँतों में जो फस आता हैं उसका घरेलू उपचार बता रहें हैं,आकर करा के ताजे कोमल पत्तों को एक गिलास पानी में उबालना हैं जब वह आधा गिलास पानी बच जाता हैं, उसे ठंठे या गुनगुना करके दिन में 2 से 3 बार पीना चाहिए, जिससे दांतों या मसूड़ों में आराम मिलता हैं, इसे जब तक ठीक ना हो तब तक लेना चाहिए| नीम के तेल को लगाने से पायरिया या दांतों में दर्द से लाभ होता हैं| सम्पर्क नम्बर@9111061399. (184050) RM

Posted on: Jan 18, 2021. Tags: HEALTH SONG VICTIMS REGISTER

स्वस्थ्य स्वर: कर्ण सुल कान में दर्द का घरेलू उपचार...

मोती नगर रायपुर (छत्तीसगढ़) से डॉ एच डी गाँधी कर्ण सुल कान में दर्द के घरेलू उपचार बता रहें हैं आँख, आकड़ें, आकौआ, अपूर्ण ये सब एक ही हैं, अपूर्ण के पत्ते में घी लगा के हल्के गर्म करके उन पत्तों को मसल कर कान में एक दो बूंद डालने से कान के दर्द में लाभ होता हैं, इसे दिन में 2 से 3 बार उपयोग कर सकते हैं| अधिक जानकारी के सम्पर्क नम्बर@9111061399.(184051) RM

Posted on: Jan 18, 2021. Tags: HEALTH SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : दंती का औषधि प्रयोग-

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया छत्तीसगढ़ से वैद्य केदारनाथ पटेल आज हम लोगो को वन औषधि द्वारा दंती का औषधि प्रयोग बता रहे है, दंती के बीज जमालगोटे के सामान तीव्र चेचक होते है | अधिक मात्रा में लेने पर ये प्राण घातक भी हो जानते है | इसके बीज उतेजक और चरम दाहक पदार्थ की तरह भी काम में लिये जाते है | संधिवाद के लिये इसकी छाल बहुत उपयोगी होती है | इसके बीज बहुत कम मात्रा में लेवे | 2-3 प्रति से ज्यादा न लेवे | 2 शतलज के पूर्व में इसके पत्ते घाव को दुरुस्त करने के काम में लिये जाते है | इसके पत्ते घाव को भरने के लिये भी उपयोग किया जाता है | इसका रस लोहे को गलाने के काम में भी आता है | पीलिया में भी इसका जड़ बहुत उपयोगी होता है | इसके पत्ते काड़ा दमे के बीमारी में भी अत्यंत लाभदायक है | संपर्क@9826040015.

Posted on: Jan 12, 2021. Tags: HEALTH DEPARTMENT SONG VICTIMS REGISTER

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