लहू देकर की है जिसने गोंडवाना की हिफाजत...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना-
रोशनी होगी चिंगारो को जलाये रखना-
लहू देकर की है जिसने गोंडवाना की आजाद-
लहू देकर की है जिसने गोंडवाना की हिफाजत-
उस वीरांगना के दिखाये मार्ग पर जरुर चलना होगा...
Posted on: Sep 25, 2018. Tags: CG GONDWANA KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
सबसे पहले हमारे यहां कुछ ब्राम्हण परिवार के लोग बसे थे, जिसके कारण शहर का नाम बम्हनी पड़ा...
नगर पालिका-बम्हनी, तहसील-नैनपुर, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से शिक्षक रामगोपाल हरदहा अंकित पडवार को बता रहे हैं कि उनका बम्हनी नगर बंजर नदी के किनारे बसा एक छोटा सा जगह है, जो मंडला से 10 किलोमीटर की दूरी पर है, उनका कहना है कि शायद इसी नदी के नाम से नगर का नाम बम्हनी पड़ा, उनके पूर्वजो के अनुसार वहां पर पहले ब्राम्हण परिवार के लोग ज्यादा बसे हुवे थे और उन्ही ने नगर को बसाया है, आज वहां कई समुदाय के और धर्म को मनाने वाले लोग रहते हैं, उस समय 3 या 4 परिवार के लोग रहते थे जो जमींदार भी थे तो उनके कारण भी शहर का नाम बम्हनी पड़ा ऐसा भी लोग कहते है. आज वहां की संख्या 10 हजार से ज्यादा हो चुकी है | अंकित पडवार@9993697650.
Posted on: Sep 25, 2018. Tags: ANKIT PADWAR MANDLA MP NAINPUR SONG STORY VICTIMS REGISTER
वनवासी हा उदासी होगे गा, वनवासी हा उदासी होगे ना...छत्तीसगढ़ी भक्ति गीत-
ग्राम-मणादौर, पोस्ट-चाँदरानी, थाना, विकासखण्ड-समनापुर, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से अवधेश कुमार यादव एक छत्तीसगढ़ी भक्ति गीत सुना रहे हैं :
वनवासी हा उदासी होगे गा, वनवासी हा उदासी होगे ना-
चल पता करी लंका मा, माता हेरागे, सीता गवागे-
राम सिया के खोजे बर राम लक्षण घुमाथे ना-
सिया जनक के पता लगाये बर हनुमान लंका गए हे ना-
चल पता करी लंका मा, माता भुलागे सीता गवागे...
Posted on: Sep 25, 2018. Tags: AWADHESH KUMAR YADAV BHAKTI CHHATTISGARHI DINDORI MP SAMNAPUR SONG VICTIMS REGISTER
फरिश्तों में ख्वाहिश नहीं, जानवरों में अक्ल नहीं...श्लोक
ब्लाक-मयोरपुर, तहसील-दुद्धी, जिला-सोनभद्र (उत्तरप्रदेश) से रामदीप भारती एक श्लोक सुना रहे हैं :
फरिश्तों में ख्वाहिश नहीं, जानवरों में अक्ल नहीं-
मगर इंसान में दोनों होती हैं-
अगर इंसान अक्ल को दबा दे तो वह जानवर हो जाए-
ख्वाहिश को दबा दे तो वह फरिश्ता हो जाए-
दुनिया की दौलत खुदा उसे ही देते हैं जिसे वह पसंद नहीं करते-
लेकिन ईनाम की दौलत उसे ही देते हैं जिसे वह पसंद करते हैं...
Posted on: Sep 25, 2018. Tags: DUDDHI POEM RAMDIP BHARATI SONBHADRA SONG UP VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: शराब छुड़ाने का घरेलू नुस्खा -
ग्राम-रहेंगी, तहसील-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा आज हमें शराब छोड़ने का एक घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि शराब पीना आज के समय में एक फैशन हो गया है, लेकिन ये शरीर के लिए हानिकारक है, इस आदत को छुड़ाने के लिए अजवाइन 250 ग्राम, 5 ग्राम ईलायची, 2 लीटर पानी में उबालें जब पानी 250 ग्राम बच जाए, तो उसे सुरक्षित रख ले और एक-एक कप सुबह प्रतिदिन सेवन कराना है, इससे धीरे-धीरे शराब पीने की आदत छूट सकती है, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : चंद्रकांत शर्मा@9893327457.

