पिंजरा ला बोले मैना, सुनले ना मोरो केहना, जिंदगी के नय रे ठिकाना...छत्तीसगढ़ी गीत

ग्राम-कुसहरधूलि, ब्लॉक-फरसगाँव, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से प्रकाश नेताम एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
पिंजरा ला बोले मैना, सुनले ना मोरो केहना-
जिंदगी के नय रे ठिकाना, कहा ले आना कहा ले जाना-
माटी का तोरा चोला, माटी म मिल जाही-
जान नही पाही चोला, कब छोड़ ज़ाही-
मया मझनभो लाबे, सीजीनेट ला चलाभे-
आये हस ऐ दुनिया म तय, तहों ईक दिन जाभे...

Posted on: May 21, 2018. Tags: PARKASH NETAAM SONG VICTIMS REGISTER

नर हो ना मन निराश करो, जग में रहकर कुछ काम करो...कविता

नीलकंठपुर, ग्राम-गोरगी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक कविता सुना रहे है:
नर हो ना मन निराश करो, मन को कुछ काम करो-
कुछ काम करो, जग में रहकर कुछ काम करो-
यह जन्म हुआ किस अर्थ हो, समझो जिसमे व्यर्थ न हो-
कुछ तो उपयुक्त करो तन को, नर हो न निराश करो मन को-
समय कही व्यर्थ ना जाये चला, कुछ तो करो सद उपाय भला-
नर हो ना मन निराश करो, मन को कुछ काम करो-
कुछ काम करो, जग में रहकर कुछ काम करो...

Posted on: May 21, 2018. Tags: JAGDEV PARSAD POYA SONG VICTIMS REGISTER

देखा तो दुनिया ला, कयसन आ गया जमाना...गीत

ग्राम-लंजोड़ा, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से राम रतन देशमुख एक गीत सुना रहे है:
देखा तो दुनिया ला, कयसन आ गया जमाना-
पोती पुराण ला छोड़ के, गात है सिनेमा गाना-
पय्या के जुग में, बहुत होवे रामलीला-
देखे बर जाऊन संगी, सब माहिती ला-
अभी के ज़माना आवे, हो गया नया ना-
देखा तो दुनिया ला, कयसन आ गया जमाना-
पोती पुराण ला छोड़ के, गात है सिनेमा गाना...

Posted on: May 21, 2018. Tags: RAMRATAN DESHMUKH SONG VICTIMS REGISTER

मंद-मंद पवन मुझे रुजगु लाये, छोटा सा मन मेरा ठुमक-ठुमक नाचे...गीत

ग्राम-कर्कटा, पोस्ट-जोगा, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अंजली कुमारी एक गीत सुना रही है:
मंद-मंद पवन मुझे रुजगु लाये, छोटा सा मन मेरा ठुमक-ठुमक नाचे-
आसमा को देखू तो का नज़र आये, चंदा, तारा, तारे नज़र आये-
धरती को देखू तो का नज़र आये, मिट्टी घास, घास नज़र आये-
मंद-मंद पवन मुझे रुजगु लाये, छोटा सा मन मेरा ठुमक-ठुमक नाचे-
पानी को देखू तो का नज़र आये, मछली पानी, पानी नज़र आये-
मंद-मंद पवन मुझे रुजगु लाये, छोटा सा मन मेरा ठुमक-ठुमक नाचे...

Posted on: May 21, 2018. Tags: ANJALI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

धरती माँ को क़र्ज़ चुकाना है, जल जंगल जमीन को बचाना है...देशभक्ति गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रमेश कुंजाम मडावी एक देशभक्ति गीत सुना रहे है:
धरती माँ को क़र्ज़ चुकाना है, जल जंगल जमीन को बचाना है-
ऐ हवा, ऐ गगन, ऐ पवन, धरती माता जल बरसाता है-
धरती माता सबको अन्न खिलाता है-
धरती माँ को क़र्ज़ चुकाना है, जल जंगल जमीन को बचाना है-
सतयुग में सब एक मामा सब कोई, एक साथ पुकारा है-
यही रे संदेसा, बात बहुत पुराना है, जल जंगल जमीन को बचाना है...

Posted on: May 21, 2018. Tags: SITARANI NETI SONG VICTIMS REGISTER

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