श्याम बंशी बजा दे रे, हालसी...सरगुजिया गीत
ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे है:
श्याम बंशी बजा दे रे, हालसी-
कोई लाभे कोदो, दरोय्या नय ये कोई-
चला भागी कोई लारी खोज्य्या नय ये कोई-
कोई लाभे कोदो, दरोय्या नय ये कोई-
चला भागी कोई लारी खोज्य्या नय ये कोई-
श्याम बंशी बजा दे रे, हालसी...
Posted on: May 23, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SONG VICTIMS REGISTER
मुझे कई माह से वृद्धावस्था पेंशन नही मिल रहा है, बहुत परेशानी हो रही, कृपया मदद करें...
ग्राम-धूमाडांड, पोस्ट-गोविंदपुर, थाना धनोरा, तहसील,प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से धनसाय बता रहे हैं उनको वृद्धावस्था पेंशन नही मिल रहा है जिससे उन्हें बहुत परेशानी हो रही है इसके लिए उन्होंने कई बार सरपंच,सचिव को आवेदन दिए हैं पर मिल जाएगा ऐसा बोलकर उन्हें भगा दिया जाता है और आज तक कोई सुनवाई नही हो रही है तो ये साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की मांग कर रहे हैं कि दिए गये सम्बंधितअधिकारियों के नम्बरों पर बात कर इस समस्या का समाधान करने में मदद करें:सरपंच@8959459879. सचिव@9217217721. C.E.O.@9165689001.शिवबालक सिंह श्यामले@7909492361
Posted on: May 23, 2018. Tags: SHIVBALAK SINGH SHYAMALEY SONG VICTIMS REGISTER
डामाँ-डामाँ डमरू बाजे बाबा के दुवारे हएरे केलाश पहारे...भजन गीत
ग्राम- बटई, ब्लाक- प्रतापपुर, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक भजन गीत सुना रहे हैं :
डामाँ-डामाँ डमरू बाजे बाबा के दुवारे हएरे केलाश पहारे-
केलाश पहार उपरे बसे बाबा हैं तोरे बसे है बाबा तोरे-
नारियल अगरबती से ये भर झोली मोरे-
डामाँ-डामाँ डमरू बाजे बाबा के दुवारे हएरे केलाश पहारे...
Posted on: May 23, 2018. Tags: DURGESH PATEL SONG VICTIMS REGISTER
ऊँचा मस्तक का हिमालय खड़ा हुआ पहरेदार बना...कविता
ग्राम- बगईडाड, पोस्ट- बिहारपुर, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से धरती सिंह एक कहानी सुना रहें हैं :
ऊँचा मस्तक का हिमालय, खड़ा हुआ पहरेदार बना-
उत्तर में सीमा पर है अड़ा हुआ-
आंधी तूफानों में इसनें सदा अटल रहना सीखा-
इन की ठंठी वर्षा को भी वे चुप रहकर सहना सीखा-
हमभी सत्य पर अडिग रहें हिमगिरी का संदेश यही-
Posted on: May 22, 2018. Tags: DHARTI SINGH SONG VICTIMS REGISTER
ओला ला लो ओला ला आखी खोखल के दरवाजा खोलते ही, आंगन बुलाती हे ओ लाला...गीत
ग्राम-कुप्पी, विकासखण्ड-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ललिता एक गीत सुना रही हैं:
ओला ला लो ओला ला आखी खोल के दरवाजा खोलते ही,आंगन बुलाती हे ओ लाला-
आंगन को झार कर मुह तो धोते ही, नला बुलाती हो लाला नला बुलाती ओ लाला-
नाला से पानी भर के लाइ तो, नानी बुलाती हैं हो लाला नानी बुलाती है ओ लाला-
नानी की सेवा करती रही तो सासु पुकारती हैं,ओ लाला सासु पुकारती हे ओ लाला-
सासु की सेवा करती रहू तो ससुर बुलाता है, ओ लाला ससुर बुलाता है ओ लाला-
ओला ला ओला ले आखी खोखल के दरवाजा खोलते ही, आंगन बुलाती हे ओ लाला...
