हमारे गांव का नाम लोरंबा कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी...
ग्राम-लोरंबा, पंचयात-छिछवानी, प्रखण्ड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से उर्बाना किंडो, लिबिन बडा, केड़वार मिंज, धीरम लकड़ा और जेम्स मिंज गांव के नाम की कहानी बता रहे हैं कि उनके गांव में कई साल पहले एक सरकारी अधिकारी आया था, उसने एक आम के नीचे बैठी वृद्ध महिला से गांव का नाम पूछा, जिस पर महिला बहरी होने के कारण ठीक से सुन नही पाई और आम का नाम बता दिया, जो लोड़हाअंबा था जिसे अधिकारी ने दस्तावेज में लिख दिया बाद में नाम बदलकर लोरंबा हो गया, तब से इस गांव का नाम लोरंबा है, ये कहानी उन्होंने अपने पूर्वजों से सुनी थी|अंकित पडवार@7646885478.
Posted on: Jul 02, 2018. Tags: GUMLA JHARKHAND LIBIN BADA SONG STORY URBANA KINDO VICTIMS REGISTER
सिया जी चलनी ससुराल डोलिया लचकत जाला...गीत-
ग्राम-नवगोई, थाना-चांदनी बिहारपुर, ब्लाक-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से बृजभान जायसवाल एक गीत सुना रहे हैं :
सिया जी चलनी ससुराल डोलिया लचकत जाला-
कोई सखी रोई-रोई मरीनी गोहर डोलिया लचकत जाला-
लाली-लाली डोलिया के लाली बौहरवा-
कोई सखी देनी अखवार, डोलिया लचकत जाला-
सिया जी चलनी ससुराल डोलिया लचकत जाला...
Posted on: Jul 02, 2018. Tags: BRIJBHAN JAYSWAL SONG VICTIMS REGISTER
हमारे पारा में हैंडपंप नहीं है आधा किलोमीटर दूर से पानी लाते हैं, बहुत समय लग जाता है...
अमर कुमार पोर्ते ग्राम-बबनी पारा, पंचायत-कोटराही, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे है कि उनके पारा में 6-7 महीने से आधा किलोमीटर दूर कुएं से पानी लाकर पीते है | पानी लाने में बहुत समय लग जाता है उससे काम भी प्रभावित होता है| उनके पारे की आबादी 110 है. उसके लिए उन्होंने लोक सुराज में आवेदन भी दिए फिर भी कोई ध्यान नहीं दे रहे है | इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की मांग कर रहे है कि इन नम्बरों में बात करके कृपया हमारी मदद करें : सचिव@9981725918, P.H.E.@8878359171, C.E.O.@8989509777. अमर कुमार पोर्ते@7697588257.
Posted on: Jul 02, 2018. Tags: BALRAMPUR NIRMANIYA RANI SONG VICTIMS REGISTER WATER
जय हो जय हो मोरे धरती के किसान...किसान गीत
ग्राम-ताराडांड, जिला-अनुपपुर, (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल नेटी एक किसान गीत सुना रहे है:
जय हो जय हो मोरे धरती के किसान-
ओ तेलसो गयो आके बिहान-
पहिने धोती तेहा मुड में पहिने पागा-
हाथ तरी धरे कंधे धरे नागा-
लई लई के खेतन मा बोवत है कितरा धान-
जय हो जय हो मोरे धरती के किसान-
नहि देखे काटा कोटि नहि देखे धूप छाँव
दुल्हन जही चमके जब मेहनत तोरे नाम-
रोई रोई के कहत बेटा तहों प्राण-
जय हो जय हो मोरे धरती के किसान...
Posted on: Jul 01, 2018. Tags: ANUPPUR MP BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
घर-घर महुआ दारु चुवथे गवाई मा...नागपुरी गीत -
ग्राम-अलका, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से दिलीप कुमार धुर्वे नागपुरी बोली में एक गीत सुना रहे हैं:
घर-घर महुआ दारु चुवथे गवाई मा-
जे हर मात गए दारु के पियाई मा-
दारु के नशा मा मात गईले गा-
नई सो चले गाना ने गा-
दारु का पियायी न हो-
नई तो चले कैसे तोर जूक जांगर,बना तै आई गइले गा...
