मोला मार डारिस भाई दारु के पियाई...छत्तीसगढ़ी कर्मा गीत
ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी कर्मा गीत सुना रहे हैं:
मोला मार डारिस भाई दारु के पियाई-
आज ले माय कान धरत थो दारु नही पिहू-
खेत में पसीना गर के खेत ले माय जिहू-
आज ले माय कान धरत थो दारु नही पिहू-
दारु नही जाहर हावे अरे झिन पिया रे भाई-
मोला मार डारिस भाई दारु के पियाई...
Posted on: Jul 04, 2018. Tags: KARMA SONG MEWALAL DEWANGAN SONG SURAJPUR CG VICTIMS REGISTER
बुन्द्रकर के बाला लखे जीवन तोर...कुडुक स्वागत गीत
आश्रित ग्राम-फुलवारटोली, पंचायत-बडवेनगर, ब्लाक-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से अपरीता खल्खो, ललिता मिंज और नूतन खल्खो कुडुक भाषा में एक स्वागत गीत सुना रही हैं:
बुन्द्रकर के बाला लखे जीवन तोर-
तोर हायरे हाय रे दिसे ला-
जीवन तोर फुल लखे दिखे ला-
कया तोर बती लखे बरे ला हायरे दया-
नदी नला पहाड़ पर्वत हायरे हार दिसे ला-
जीवन तोर फुल लखे दिसे हायरे हाय रे दिसे ला-
समुन्द्र के बाला लखे जीवन तोर...
Posted on: Jul 04, 2018. Tags: APRITA XALXO KUDUK SONG LALITA MINZ NATAN XALXO SONG VICTIMS REGISTER
कातै मोला मोहनी डाल दिए गोंदा फूल...छत्तीसगढ़ी गीत
मेवालाल देवागन जो ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
कातै मोला मोहनी डाल दिए गोंदा फुल-
तोर होगे आती अउ मोर होगे जाती-
रेंगते-रेंगत आंखी मार दिए गोंदा फूल-
फुलवा पनकथे कमला करेजा-
भुंज डाले तेला बघार दिए गोंदा फूल-
कातै मोला मोहनी डाल दिए गोंदा फूल...
Posted on: Jul 04, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SARGUJA CG SONG VICTIMS REGISTER
तोला का बताओं गा, परदेश के रहवईया भईया तोला का बताओं...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-गंगोत्री, थाना-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राहुल एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
तोला का बताओं गा परदेश के रहवईया भईया तोला का बताओं-
चप्पल नई आय जूता नई आय और नई आय सेंडिल-
एकठे हवे टुटहा साईकिल ओकरो नई आय हेंडिल तोला का बताओं-
नागर नई आय जुंआ नई आय अउ नई आय रघरी-
एकठे हवे बुढ़वा बरदा ओकरो नई आय टंगरी-
तोला का बताओं गा परदेश के रहवईया भईया तोला का बताओं...
Posted on: Jul 04, 2018. Tags: RAHUL SURAJPUR SONG VICTIMS REGISTER
बुढिया और चार बेटो की बाल कहानी...
ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक बाल कहानी सुना रहे है. वे बता रहे हैं कि बहुत दिन पहले गाँव में एक बुढिया थी उसके चार बेटे थे चारो बेटे उसको खाना देते थे लेकिन मिठाई नहीं देते थे. तो बुढिया ने एक दिन कहा चारो बेटो से बेटों जब मैं मर जाउंगी तब मुझे मुहं पर हाथ पर और सब तरफ रसगुल्ला रख देना. फिर एक दिन बुढिया ने नशा लगाया और उन चारो लोगो ने रख दिए रसगुल्ला उसके शरीर में चारों ओर और बोल रहे है राम नाम सत है तो नशे में बुढिया भी बोली यह रसगुल्ला बहुत मस्त है| अकलेश कुशवाह@9162031630.

