हायरे जंगल हर लागे तो सुहावन...कर्मा गीत

ग्राम-देवरी, थाना-चन्दौरा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक गीत सुना रहे हैं:
हायरे जंगल हर लागे तो सुहावन-
पुटू खुखड़ी सब तो उठावे रे-
सच ला कहे रे लबारी दगा देहे रे-
कोन हर पुटू लोर कोन हर खुखड़ी-
कोने हर लोर सारु साग जंगल हर सुहावन लागे-
हवा पानी सुघरे भेटावे जंगल हर सुहावन लागे...

Posted on: Jul 09, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA KARMA SONG SONG VICTIMS REGISTER

Impact: Got my due govt support for building a house after report on CGnet...

ग्राम-रिमारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैद्य बता रहे है कि वे गाँव के वार्ड नंबर 4 में रहते है, उनके नाम से इंदिरा आवास योजना के तहत आवास आया था, जिसका किश्त उन्हें प्रयास करने पर भी नहीं मिल पा रहा था, तब उन्होंने परेशान होकर अपनी समस्या को आज से 10 दिन पहले सीजीनेट में रिकार्ड किया, और आज उनकी समस्या हल हो चुकी है, उनके खाते में योजना का पैसा आ चुका है, इसलिए वे सीजीनेट के सभी सांथियो जिन्होंने अधिकारियों को फोन कर दबाव डाला और संबंधित अधिकारियो को धन्यवाद दे रहे हैं जिनकी मदद से उनकी समस्या हल हो गई : लालजी वैध@7869106886.

Posted on: Jul 09, 2018. Tags: LALJI VAIDH SONG VICTIMS REGISTER

दिमाग के बत्ती है दादा हीरा, बुद्धि के बत्ती है ना...गोंडवाना गीत

ग्राम पंचायत-कटरा, ब्लाक-मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से पतराज सिंह मरकाम गोंडवाना के नेता हीरा सिंह मरकाम पर एक गीत सुन रहे है:
दिमाग के बत्ती है दादा हीरा बुद्धि के बत्ती है ना-
जय सेवा बड़ा देवा मंत्र सिखा दिए रे-
भाई-भाई एक डाकू एक कसाई-
गोंडवाना देवा एकर सफाई-
दिमाग के बत्ती है दादा हीरा बुद्धि के बत्ती है ना...

Posted on: Jul 09, 2018. Tags: PATRAJ SINGH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER

औषधीय पौधा चितावर के नाम पर पड़ा हमारे गांव का नाम चितरपुर...एक गाँव की कहानी-

ग्राम-चितरपुर, पंचायत-कातिम, प्रखण्ड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से ग्रामवासी बर्थलोमी लकरा बता रहे हैं, उनके गांव में एक पौधा होता था, जिसे चितावर के नाम से जानते हैं, जो पूरे गांव में मिलता था, उसी के नाम पर गांव का नाम चितरपुर पड़ा, ये पौधा केवल गांव में ही पाया जाता है, उसे दवा के लिए भी उपयोग करते हैं, लेकिन अब उस पौधे की संख्या कम हो गई है, लोग पौधों को काटकर खेत बना चुके हैं, ये जानकारी उन्हें अपने पूर्वजो द्वारा लिखी किताब से मिली, वर्तमान में गांव में 107 घर है, इस प्रकार से चितरपुर गांव का नाम एक औषधीय पौधा चितावर के नाम पर पड़ा और आज भी इसी नाम से जाना जाता है |

Posted on: Jul 09, 2018. Tags: BASTIRAM NAGWANSI SONG VICTIMS REGISTER

चिरई बनो मा, चिरई बोले रे...छत्तीसगढ़ी गीत

ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत
सुना रहे हैं :
चिरई बनो मा चिरई बोले रे-
चिरई बनो मा चिरई बोले रे – अभी चुके दिन टरगे,हमर देश के-
चिरई बनो मा चिरई बोले रे-
कंचा बोरी बांस होंगे होवथे होशियार-
तोला मिल जाही भैया रोजो रोजगार-
चिरई बनो मा चिरई बोले रे-
अभी चुके दिन टरगे,हमर देश के-
चिरई बनो मा चिरई बोले रे...

Posted on: Jul 09, 2018. Tags: MEWALAL DEVANGAN SONG VICTIMS REGISTER

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