वनांचल स्वर : पुराने ज़माने में जब धान कोदो पैदा नहीं होता था लोग महुआ आदि ही खाते थे...

ग्राम-पेंडारी, ब्लाक-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से ब्रेजलाल कुशवाह बता रहे है कि उनका गाँव जंगल के किनारे बसा हुआ है वहां से उनको जलाऊ लकड़ी मिलता है, आंवला, तेंदू, छार, बेलवा भी मिलती है पर्याप्त मात्रा में साल की लकड़ी मिलती है और उसके अलावा महुआ भी मिलता है उसका उपयोग दारु बनाने और उसको पीसकर लाटा बनाकर भी खाया जाता है और ढेकी से कूटकर लड्डू बनाकर सुखाया जाता है और फिर खाया जाता है| पुराने ज़माने जब धान कोदो पैदा नहीं होता था उस समय लोग महुआ खाकर जीवित रहते थे| महुआ का उपयोग आज भी किया जाता है. बाबूलाल नेटी@9669083404.

Posted on: Jun 07, 2018. Tags: BRIJLAL KUSHWAH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

कैसे के आई तोहरे धमवा मईया बड़ी कटनी डगरिया...भजन गीत -

ग्राम-कोटाराही, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) लक्ष्मीनारयण कुशवाहा एक भजन गीत सुना रहे हैं:
कैसे के आई तोहरे धमवा मईया बड़ी कटनी डगरिया-
सन-सन के तरलू या सन-सन के तरलू-
अरे हमरा से तू फीर नजरियाँ मईया बड़ी कटनी डगरिया-
पूजा नहीं जानि हम भक्ती नहीं जनी अरे-
भक्तो पर फिर तू नजरियाँ ये मईया बड़ी कटनी-
हमरें जिन्दगियाँ में आके दर्स की अरे दर्शन के पूरा कर...

Posted on: Jun 07, 2018. Tags: LAXMINARAYAN KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER

नदी चर भला लके मोरे जीवा जरत हे...डोमकच गीत

ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छतीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक डोमकच गीत सुना रहे है:
नदी चर भला लके मोरे जीवा जरत हे-
काटले डहुरा लके मन कुमला लक-
मन कुमलालख सोना मन कुमला लके-
नदी कर बाला लखे मोरे जीवा जरत हे...

Posted on: Jun 07, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SONG VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : आग से जलने पर घरेलू उपचार -

वैद्य भगतराम लांझी, ग्राम-घोंघा, थाना-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) बता रहे है आग से जलने पर सरई लासा (राल) को बारीक पीस ले, फिर उसे कपड़े से दो बार छानिये उसके बाद उसमे पानी और तीली का तेल डालकर मथन करिये उसके बाद थोड़ा सा पानी डालिये, और मथिये उसके बाद पानी को फेंक दे. ये प्रक्रिया 5-6 बार करे और जब वह सफेद हो जाएगा तो उसमे करंज नीम आरसी का तेल मिलाकर जले हुए जगह में रुई से लगाइए, इसे दिन में दो बार लगाना है, सांथ ही उसमे करंज का तेल लगाना है जिससे मक्खी न आए और दूर्गंध न हो इसे लगातार एक हफ्ते उपयोग करने से आराम मिल सकता है | लांझी@7389964276.

Posted on: Jun 07, 2018. Tags: BHAGTARAM LANJHIT HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

घोडा नाचे हाथी नाचे नाचे सोन चिरैया...बाल कविता

ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक बाल कविता सुना रहे है:
घोडा नाचे हाथी नाचे नाचे सोन चिरैया-
किलक-किलक बंदर नाचे-
बालू ताकुर तैय्या-
टुमुक-टुमुक खरहा नाचे-
ऊंट मेमना गया...

Posted on: Jun 07, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

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