ऐ हो विधाता कईसन रचेला नसीब के...भक्ति गीत
ग्राम-अमृतपुर, तहसील-नानपारा, जिला-बहराइच (उत्तरप्रदेश) से केदारनाथ कुशवाहा एक भक्ति गीत सुना रहे है :
ऐ हो विधाता कईसन रचेला नसीब के-
अँखियाँ में लोर भरला हरदम गरीब के-
केकरा से कही भगवन दिलवा के बात हो-
देखवे में काटे कटे सुन दिन-रात हो-
केहू नहीं जानत-बूझे ये दुनिया अजीब के-
केहू नहीं बूझे भगवन दिल के मजबूरी-
आशही बीते दिनवा करत जी-हजूरी-
रउवे बताई अब हम कहाँ जाईं-
कह शिवम्-अंकित अब लजिया बचाई-
ए हो विधाता कईसन रचेला नसीब के...
Posted on: Feb 20, 2019. Tags: KEDARNATH KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
कोई दीप जलाये कोई थाली सजाये...गीत
ग्राम-धनपुरी, ब्लाक-जैतहरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से पूजा पटेल एक गीत सुना रही है:
कोई दीप जलाये कोई थाली सजाये-
कोई लड़ के गुलामी को भगाए-
आजादी मेरी तंग हो गई-
फूल तिरंगे झंडे को लहराए हम-
स्वतंत्रता के भाषण में गुण गाये हम-
देखो जरा देखो क्या देश है देश मेरा महान है-
कोई गम न पिलाए कोई खून बहाए...
Posted on: Feb 20, 2019. Tags: POOJA PATEL SONG VICTIMS REGISTER
सदा भवानी दाहनी ओ मैया सनमुख रहे गणेश हो माँ...जस गीत
ग्राम-राम्हेपुर, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से सरला श्रीवास चैत नवरात्र के अवसर पर गाया जाने वाला एक जस गीत सुना रही है:
सदा भवानी दाहनी ओ मैया सनमुख रहे गणेश हो माँ-
कहाँ लगा दे मैया गेंदा ओ चमेली-
कहाँ लगा दे तुलसी के बिरवा ओ माई-
बाड़ी लगा दे मैया गेंदा ओ चमेली-
मोरे अंगना लगा दे मैया तुलसी के बिरवा ओ माई-
कोन चढ़ावे मैया गेंदा चमेली-
कोन चढ़ावे तुलसी के पान हो माय...
Posted on: Feb 20, 2019. Tags: SARLA SHRIVAS SONG VICTIMS REGISTER
जगह-जगह तोर जोती जले है जय हो गजानंद स्वामी...भजन गीत -
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेवालाल केवट एक भजन सुना रहे हैं :
जगह-जगह तोर जोती जले है जय हो गजानंन स्वामी – चला चली पूजा करे ला जुल मिल के संगवारी – पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े स्वामी मेवा – लडूवन के भोग लगे संत करे स्वामी सेवा – भादो महीना तोर पूजा होथे जय हो गजानंन स्वामी – चला चली पूजा करे ला जुल मिल के संगवारी...
Posted on: Feb 19, 2019. Tags: REWALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
मन भौरा रे मन भौरा रे, वो मन भौरा तू भुला गया...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहा है :
मन भौरा रे मन भौरा रे-
वो मन भौरा तू भुला गया-
फूलों को छोड़ काटों में झूल गया-
तेरा मंजिल और था-
कहाँ जाके रास्ता भूल गया-
तुझे कहाँ जाना था, कहाँ जाके फंस गया
क्या पाया क्या खोया, क्या इसका हिसाब लगाया...

