पर एक बार के लिए, मुझे बना दो प्रधान...पंचायत चुनाव पर कविता
कानपुर, उत्तर प्रदेश से के.एम. भाई राज्य में चल रहे पंचायत चुनावों के सन्दर्भ में एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
ये मन भी ले लो, दौलत भी ले लो-
चाहे दे दो मुझे सारी गाली-
पर एक बार के लिए मुझे बना दो प्रधान-
वो घूसखोर और धोखेबाज-
मुर्गा भी खा लो, दारू भी पी लो-
चाहे ले लो बकरा-बिरयानी-
पर एक बार के लिए, मुझे बना दो प्रधान-
वो लम्पट और बेईमान-
गुटखा भी खा लो, बीड़ी भी सुलगा लो-
चाहे ले लो सारी दुकान-
पर एक बार के लिए, मुझे बना दो प्रधान-
वो भ्रष्टाचारी और लूटखान-
गोली भी चलवा लो, दंगा भी करवा लो-
चाहे करवा लो काला बाजारी-
पर एक बार के लिए, मुझे बना दो प्रधान
वो लयमार और तिकड़मखान-
झाड़ू भी लगवा लो, कूड़ा भी बिनवा लो-
चाहे करवा लो पैरों का सम्मान-
पर एक बार के लिए, मुझे बना दो प्रधान-
वो चापलूस और चमचाखान-
पर एक बार के लिए, मुझे बना दो प्रधान-
पर एक बार के लिए, मुझे बना दो प्रधान...
Posted on: Jun 07, 2018. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
केकड़ा कीड़े-मकोड़े खाता था...जीव-जंतुओं पर आदिवासी गीत
ग्राम-भादल, जिला-बड़वानी, मध्यप्रदेश से राजीव सोलंकी जीव जंतुओं पर आधारित एक गीत गा रहे हैं:
केकड़ा कीड़े-मकोड़े खाता था-
एक बड़ा सा शेर जंगल में रहता था, घने जंगल के किनारे-
केकड़ा कीड़े-मकोड़े खाता था-
एक बड़ा सा भालू जंगल में रहता था, घने जंगल के किनारे-
केकड़ा कीड़े-मकोड़े खाता था-
एक बड़ी सी मछली पानी में रहती थी, घने जंगल के किनारे-
केकड़ा कीड़े-मकोड़े खाता था...
Posted on: Jun 07, 2018. Tags: RAJU SOLANKI SONG VICTIMS REGISTER
जागो हो आज आपन आदिवासी...जागरूकता गीत
ग्राम-भादल, जिला-बड़वानी, मध्यप्रदेश से राजू सोलंकी अपने स्थानीय भाषा में एक जागरूकता गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
जागो हो आज आपन आदिवासी-
आपना गांव में अपना अधिकार-
मांगो हो आज अपना अधिकार-
जल-जंगल मा अपना अधिकार-
मांगो हो आज अपना अधिकार-
स्कूल में शिक्षा पर अपना अधिकार-
पढ़ो हो आज अपनी पढ़ाई पूरी-
जागो हो आज आपन आदिवासी-
ग्रामसभा के जगह पर अपना अधिकार-
मांगो हो आज अपना अधिकार-
जागो हो आज आपन आदिवासी...
Posted on: Jun 07, 2018. Tags: RAJU SOLANKI SONG VICTIMS REGISTER
हैलो मुख्यमंत्री महोदय ! ये आपके शासन की पुकार है...कविता
ग्राम-बन्देली, तहसील-केवलारी, जिला-सिवनी, मध्यप्रदेश से राजेन्द्र सिंह सलाम भ्रष्टाचार के सन्दर्भ में एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
हैलो मुख्यमंत्री महोदय ! ये आपके शासन की पुकार है-
कोर्ट-कचहरी दफ्तर पर पैसों की भरमार है-
अगर जेब में नहीं हैं पैसे तो बाबू की कलम बीमार है-
हाल जानिए मुख्यमंत्री महोदय, आपके इस देश का-
चूहों के पेट में है अनाज देश का...
Posted on: Jun 07, 2018. Tags: RAJENDRA SINGH SALAM SONG VICTIMS REGISTER
अन मन भरल बा दौलत सुमरबिन...बघेली लोकगीत
ग्राम-उमरी, पोस्ट-उमरी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से राघवजीत एक बघेली लोकगीत सुना रहे है:
अन मन भरल बा दौलत सुमरबिन
हरी के भजन बिना जिन्दगी बेकार वा-
गला बिना गल के बिजरी बिना तल के-
देवर बहुजाईल बिना बिलकुल बेकार है-
हरी के भजन बिना जिन्दगी बेकार वा...
