राई रतनपुर जनता मगावे रामे हो सुगा...सुगा गीत-
ग्राम पंचायत-धूर, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मीना और शिव कुमारी एक सुगा गीत सुना रहे हैं :
राई रतनपुर जनता मगावे रामे हो सुगा-
रईयो गरे जनता ला-
राजा राम सुगा रईयो गरे जनता ला-
रामे हो सुगा पिंद लागे मैदा पिसान-
राई रतनपुर जनता मगावे रामे हो सुगा...
Posted on: Feb 21, 2019. Tags: CG INDRASO NETAM MINA OGDI SONG SUGA SURAJPUR VICTIMS REGISTER
दाई पढ़े दाऊ पढ़े बुवा ओकर नई पढ़े, सुगना जी बिना पढ़े जिनगी बेकार...सुगा गीत-
ग्राम पंचायत-टमकी, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुषमा, मुन्नी बाई और सुसोदिया एक सुगा गीत सुना रहे हैं :
दाई पढ़े दाऊ पढ़े बुवा ओकर नई पढ़े-
सुगना जी बिना पढ़े जिनगी बेकार-
राम सुगा बिना पढ़े जिनगी बेकार-
दाई पढ़े दाऊ पढ़े बुवा ओकर नई पढ़े...
Posted on: Feb 21, 2019. Tags: CG ODGI SATWANTI SHAYAMLE SONG SUGA SURAJPUR VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : गर्भवती महिलाएं और उनका आहार-विहार
ग्राम-उभेगाँव, जिला-छिन्दवाडा, (मध्यप्रदेश) से माला धुर्वे गर्भवती महिलाओ के बारे में बता रही है कि गर्भवती महिलाये दो हर्रदयनी होती है एक उसका ह्रदय और दूसरा शिशु का ह्रदय| हमारे शरीर में और आचार-विचार का उतना ही प्रभाव पड़ता है जितना की आहार विहार में होता है, इस बात का ध्यान गर्भवती महिलाओ को विशेष रूप से रखना होगा| क्योंकि उनके आचार-विचार एवं आहार विहार और स्वास्थ पर ही नहीं बल्कि उनके गर्भ में पल रहे शिशु को भी प्रभाव पड़ता है | गर्भवती महिला का घर वालो को उसका ध्यान रखना चाहिए |
Posted on: Feb 21, 2019. Tags: MALA DHURVE SONG VICTIMS REGISTER
स्वामी विवेकान्द उनको अकाल में म्रत्यु लोगो के बारे में सोच रो रोकर बताते जाते...किस्सा
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार स्वामी विवेकान्द जी से सम्बन्धित किस्सा सुना रहे है, बहुत समय पहले की बात है बंगाल में जबदस्त अकाल पड़ा उस समय इंसान से लेकर जानवर सब परेशान हुए यह देखकर विवेकानन्द अपने अनुयायियो समेत सेवा में लग गए, लोगो की तकलीफ़ देख विवेकानन्द अन्दर ही अन्दर बहुत दुखी हो जाते, एक दिन ब्राह्मणों का एक दल मिलने आया वह दल अध्यातम में ख़ुद को बहुत समझता था, विवेकानन्द उनको अकाल में म्रत्यु लोगो के बारे में सोच रो रोकर बताते जाते और सिसक सिसक कर रोते जाते आँखों के आंसू गर्दन तक आ रहे थे, यह देख दल में शामिल सभी ब्राह्मण चुपके चुपके हसने लगे विवेकानन्द ने उनसे पूछा क्यों हस रहे है तो दल में से एक सदस्य उठकर बोला एक सन्त को कष्ट में रोना नही चाहिए, तभी स्वामी जी उठे और एक पौधे की बड़े वहा से एक हरी छड़ी लाकर दल के सभी लोगो को पीठ पर छड़ी बरसाने लगे तभी सब चीखने चिल्लाने लगे तभी विवेकानन्द ने कहा यह मक्कारी नही चलेगी तुम सब तो दर्द पर विजय पा चुके हो फिर चीख क्यों आंसू क्यों, जो इन्सान की तकलीफ़ पर नही रोए वह सन्त हो ही नही सकता |
Posted on: Feb 21, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
कोयतोर बिगड़ गए हैं यार देखा सिटी मा रे...गीत -
ग्राम-सालीवाडा, तहसील-नैनपुर, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से कलिराम धुर्वे एक गीत सुना रहे हैं:
कैसी लीला अपरम पार-
कोयतोर बिगड़ गए हैं यार देखा सिटी मा रे-
जन बच्चा से दारू पीबे बन गए हैं मतवार-
भाई-भाई में झगड़ा होवे फूट गई परिवार-
कैसी चलहो गड़बड़ साल देखा सिटी मा रे-
कोई चरावें गईया भैसिया कोई चरावे छेरी-
बन बसिया के छोड़ जबलपुर लगा रहे हैं फेरी...

