आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : धातरोग (प्रमेह) का घरेलू उपचार -
ग्राम-अंजनी, विकासखंड-मवई, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से सग्गन शाह मरकाम आज धातरोग (प्रमेह) का घरेलू उपचार बता रहे हैं वे बता रहे हैं कि, जिन व्यक्तियों को गरमी,धात (प्रमेह) होती है वो सुअरकंद, जो घास की तरह होती है इसकी चौड़ी पत्तियां होती हैं जो अधिकांशतः खेतों में मिल जाती है इसके कंद को खोदकर पानी से धोकर अच्छी तरह पीस ले और इसमें कस्तूरी की गोली मिलाकर दूध के साथ सुबह खाली पेट सात दिनों तक सेवन करें जिससे धात ,गर्मी, पेशाब में जलन से निजात मिल जाता है |
Posted on: Feb 22, 2019. Tags: SAGGAN SHAH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
रे रे लोयो रे रे रेला लोयो...गोंडी रेला गीत -
कोटपारा, विकासखंड-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मनकुराम नेटी, लक्ष्मन और चनयसिंह दुग्गा एक रेला गीत सुना रहे हैं :
रे रे लोयो रे रे रेला लोयो-
जाते ने कंदिग इर्रा-
हिले इर्रो रोटिंग-
रे रे लोयो रे रे रेला लोयो...
Posted on: Feb 21, 2019. Tags: GEETA TEKAM SONG VICTIMS REGISTER
पिंजड़े के तोते से बोली छत पर बैठी मैना...बाल कविता-
ग्राम-बेदमी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से प्रतिमा यादव अपने सखियों के सांथ एक कविता सुना रही हैं :
पिंजड़े के तोते से बोली छत पर बैठी मैना-
बड़े मजे से तुम रहते हो, बोलो ये-
बैठे बैठे मिल जाते हैं भाती-भाती के व्यंजन-
कास मुझे भी मिल पता इस पिंजड़े का जीवन-
भोजन और जल की तलास में हम दिन रात भटकते...
Posted on: Feb 21, 2019. Tags: CG ODGI POEM PRATIMA YADAV SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
मै अमर शहीदों का चारण यश गाया करता हूँ...कविता-
ग्राम पंचायत-बेदमी, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुशीला राजवाड़े और प्रीती जयसवाल एक देश भक्ति कविता सुना रही हैं :
मै अमर शहीदों का चारण यश गाया करता हूँ-
जो कर्ज राष्ट्र ने खाया है, मैं उसे चुकाया करता हूँ-
यह सच है, याद शहीदों की हम लोगों ने दफनाई है-
यह सच है, उनकी लाशों पर चलकर आज़ादी आई है-
उन गाथाओं से सर्द खून को मैं गरमाया करता हूँ...
Posted on: Feb 21, 2019. Tags: CG ODGI POEM SONG SURAJPUR SUSHILA RAJWADE VICTIMS REGISTER
भाया रे मसीह भाया, बहिन रे ये मसी बाहिन...गीत-
ग्राम-दुबियाडीह, पंचायत-इंजामी, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सरिता और सुलीता एक गीत सुना रहे हैं :
भाया रे मसीह भाया, बहिन रे ये मसी बाहिन-
हे पूट काल साग लेके साबरा बे-
आमा मजार लेके मांजरा वे-
नई सी फार लेके बेस फरा बे-
आमा मजार लेके मांजरा वे-
भाया रे मसीह भाया, बहिन रे ये मसी बाहिन...

