निमा इंगा वयाना न अतोल पोई...गोंडी गीत-
ग्राम-रानीबाहर, पंचायत-छिन्दगढ़, जिला सुकमा (छ.ग.) से बुद्धू मानसिंह के साथ गंगी और बुदरी बाई है जो एक गोंडी गीत सुना रहे है:
निमा इंगा वयाना न अतोल पोई-
माया निवा इनता बंजा ननका सूडो-
गोडेलो पंचा निमा वनका सूडो-
अले नानो बोले वाया न-
निमा इंगा वयाना न अतोल पोई...
Posted on: Jan 09, 2020. Tags: AND BUDARI CG SUKMA GANGI GONDI SONG
सामाडा रिंग रिंगो नानो कोला कोड़ा वडा यो...गोंडी गीत-
ग्राम-रानीबाहर, पंचायत-छिन्दगढ़, जिला सुकमा (छ.ग.) से सोमडी और बिमला एक गोंडी गीत सुना रहे है:
सामाडा रिंग रिंगो नानो कोला कोड़ा वडा यो-
कोला कोड़ा वडा नानोली वया न-
नानोली वया हिल्ले नानो केल्ला यो-
सामाडा रिंग रिंगो नानो कोला कोड़ा वडा यो...
Posted on: Jan 09, 2020. Tags: AND BIMLA CG SUKMA GONDI SONG SOMDI
स्वास्थ्य स्वर : पवाड के बीजो से सोरायसिस चर्म रोग का उपचार-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल सोरायसिस चर्म रोग को ठीक करने का वन औषधि उपचार बता रहे है कि पवाड के बीजो को सुखाकर पाउडर बना लेवे और पाउडर बनाने के बाद 2 किलो मट्ठा ले उसे 2 किलो मट्ठा में 100 ग्राम पवाड़ के चूर्ण को मिला दे | मिलाने के बाद एक हफ्ते तक कपड मिटटी करके मटकी में उसको रख दे | पड़ा रहने दे उसको खोले न | एक हफ्ते के बाद खोलकर चर्म हुए स्थान पर रोज लगाये, रोज लगाने के बाद उसको गुनगुने पानी से धुले| उसमे साबुन का इस्तेमाल बिलकुल न करें | कितना भी भयानक चर्म रोग हो 15 दिन एक महिना या बड़ा हो तो डेढ़-दो माह तक लगाने से पूर्ण रूप से सोरायसिस चर्म रोग समाप्त हो जाता है | इसका होम्योपैथीक और हेलोपेतिक में कोई दवाई नहीं है| ये एकदम रामबाण की तरह दवा है, अधिक जानकारी के लिए संपर्क नम्बर@9826040015.
Posted on: Jan 09, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
गीत गा रहे है आज हम रागिनी को ढूंढते हुए...क्रांतिकारी गीत-
ग्राम पंचायत-अमनदोन, ब्लॉक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अंकुश सूर्यवंशी एक गाना सुना रहे है:
गीत गा रहे है आज हम रागिनी को ढूंढते हुए-
आ गए यहाँ जवां कदम जिन्दगी को ढूंढते हुए-
हर दिलो में ये उमंग है ये जहां नया बनायेंगे-
जिन्दगी का दौर आज से दोस्तों को हम सिखायेंगे-
फूल हम नए खिलाएंगे ताजगी को ढूंढते हुए है-
गीत गा रहे है आज हम रागिनी को ढूंढते हुए...
Posted on: Jan 09, 2020. Tags: ANKUSH SURYVANSHI CG SONG SURJPUR VICTIMS REGISTER
वज्जिका भाषा और गुरुगोविंद सिंह पर चर्चा...
मालीघाट, मुज़फ्फर (बिहार) से सुनील कुमार सनाजसेवी जोगिंदर सिंह दलवीर से गुरु गोविंद सिंह जी के बारे में चर्चा कर रहे हैं, गोविंद सिंह जी का जन्म 26 दिसंबर , 1666
पटना में हुआ, उनकी मूल भाषा वज्जिका थी, उन्होंने कई काव्य रचनायें वज्जिका भाषा में की, ये भाषा बिहार के वैशाली और मुज़फ्फर जिले में बोली जाती है,
राज केहू हस न देई हैं जे लेई है-
निज भुज से लेई हैं, निज बल से लई हैं|
इस तरह से उनकी कई रचनायें हैं ...
