तोरे सुरता हा आथे मोला, जब दिहे अंगूठी मोला-
ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से संतलाल एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
तोरे सुरता हा आथे मोला, जब दिहे अंगूठी मोला-
जिवरा धक-धक, लक-लक लागे ओ-
जब गरी मार पड़े तोला-
का जानो की को आ जाही, खूबय भाग जथो-
एक बोटल दारू के चक्कर मा ही तोला रोवाथो...
Posted on: Mar 24, 2019. Tags: ANUPPUR MP SANTLAL SONG VICTIMS REGISTER
दिलो में जूनून है और जुबां पे इंकलाब...कविता-
कानपुर (उत्तर प्रदेश) से के एम भाई शहादत दिवस के अवसर पर एक कविता सुना रहे हैं:
दिलो में जूनून है और जुबां पे इंकलाब-
सलामी के लिये उमड़ा है, बदलो का ये सैलाब-
याद करके बलिदान तुम्हारा-
जश्न में डूबा है वतन सारा-
हर जुबां पे होगा इंकलाब का नारा...
Posted on: Mar 23, 2019. Tags: KANPUR KM BHAI POEM SONG UP VICTIMS REGISTER
उड़े अबीर उड़े गुलाल, हर चहेरा दिखे लाल...कविता-
कानपुर (उत्तर प्रदेश) से के एम भाई होली त्योहार पर एक कविता सुना रहे हैं :
उड़े अबीर उड़े गुलाल-
हर चहेरा दिखे लाल-
होली का कुछ ऐसा हो घुमान-
कि ख़ुशी के रंग में-
रंग जाए हर इंसान-
इस होली कुछ ऐसा हो यार-
कि ढोल की एक ताल पे...
Posted on: Mar 21, 2019. Tags: KANPUR KM BHAI POEM SONG UP VICTIMS REGISTER
फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल...होली पर कविता-
जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार होली के त्योहार पर एक कविता सुना रहे हैं:
फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल-
अपने तन पर लेपता, केसर और गुलाल-
तन हो गया पलाश-सा, मन महुए का फूल-
फिर फगवा की धूम है, फिर रंगों की धूल-
मादक महुआ मंजरी, महका मंद समीर-
भँवरे झूमे फूल पर, मन हो गया अधीर...
Posted on: Mar 21, 2019. Tags: ANUPPUR MP POEM RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी...छत्तीसगढ़ी फागुन गीत-
जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार एक छत्तीसगढ़ी फागुन गीत सुना रहे हैं:
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी-
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी-
छोटे बड़े लईका मन देवय किलकारी रे-
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी-
हां संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी-
ले चल रे सैंया बनारस के खोर में-
कुछ भेद नइये रे तोर अउ मोर में...
