मै बंदत हो दिन रात हो, मोर धरती मैईया जय होवय तोर...छत्तीसगढ़ी देशभक्ति गीत

ग्राम-कुमरता, तहसील-धर्मजयगढ़, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से महेश कुमार सिदार एक छत्तीसगढ़ी देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
मै बंदत हो दिन रात हो, मोर धरती मैईया जय होवय तोर-
मोर छईया भुईयां जय होवय तोर-
सोत उठ के बड़े बिहनिया तोरे पईयां लागों-
अरे शुरू जोत माँ करो आरती, गंगा पांव पखारों-
तोर काया फूल चढाओं हो मोर धरती मईयां जय होवय तोर-
हाय रे मोर छईयां भुईयां जय होवय तोर...(183234) GT

Posted on: Dec 26, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER

इंसाफ की डगर पे बच्चो दिखाओ चल के...देश भक्ति गीत-

ग्राम -मटियाआलम ,जिला -खुसीनगर (उत्तरप्रदेश) से सुकई कुशवाहा देश भक्ति गीत सुना रहे है:
इंसाफ की डगर पे बच्चो दिखाओ चल के-
यह देश है तुम्हारा नेता तुम्ही हो कल के-
दुनिया का रंग चाहना और कुछ न मुह से कहना-
सच्चाइयों के बल पे आगे ही बड़ते रहना-
रख दोगे एक दिन तुम संसार को बदल के-
अपने हो पराये सबके लिए हो न्याय-
देखो कदम तुम्हारा हरगीज न डगमगाए...(183141)GM

Posted on: Dec 26, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

क्योकि लड़की हूँ मै मत रोको...कविता-

सुरेश कुमार बड़वानी (मध्यप्रदेश) से एक कविता सुना रहे है :
क्योकि लड़की हूँ मै मत रोको-
मत टोको मत दो गाली मुझे-
मत एहसास दिलाओ की लड़की हूँ मै-
हा पता है की मै लड़की हूँ-
इसिलिये तो कुछ कर नहीं सकती...(183190)GM

Posted on: Dec 26, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER

लोग गर्मी के दिनों में रोजगार की तलाश में बहार काम करने जाते है...कहानी

ग्राम पंचायत-कोड़ेनार, तहसील-बास्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़)से सनकू जी बता रहे है| भारत में कहीं ऐसे गाँव भी है जहा रोजगार की साधन की कमी के कारण लोगो को काम नहीं मिल पता है |सरकार की रोजगार योजना का पहुच की कमी है |ऐसे ही एक गाँव है कोड़ेनार गाँव की कहानी है जहा रोजगार की कमी है और केवल बारिश में ही खेती -किसानी का काम होता है| वहा के लोग गर्मी के दिनों में रोजगार की तलाश में जगदलपुर, आंद्रप्रदेश में जा के मजदूरी का काम करते है| सम्पर्क@9340115201,(183194) GT

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Posted on: Dec 26, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER

कविता एक उड़न है चिड़िया के बहाने...कविता-

सुरेश कुमार बड़वानी (मध्यप्रदेश) से एक कविता सुना रहे है:
कविता एक उड़न है चिड़िया के बहाने-
कविता किउदन भला चिड़िया क्या जाने-
बहार इतर इस घर उस घर कविता के पंख लगा उड़ने के मन-
चिड़िया क्या जाने कविता एक खिलना है फूलो के बहाने-
कविता का खिलाना भला फुल क्या जाने ...(183193) GM

Posted on: Dec 26, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER

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