स्वास्थ्य स्वर : दुबलेपन की समस्या को दूर करने का घरेलू नुस्खा-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय दुबलेपन की समस्या को दूर करने का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं| सतावर की जड़ का चूर्ण आधा चम्मच और मिश्री आधा चम्मच लेकर गुनगुने दूध में शहद मिलाकर सेवन करना है, इससे लाभ हो सकता है| संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं| संपर्क नंबर@9519520931. (AR)
Posted on: Jan 06, 2021. Tags: SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
बच्चो के लिये जनरल नॉलेज...
जिला-औरंगाबाद (महाराष्ट्र) से शुभम जनरल नॉलेज बता रहे हैं, जिससे वे बच्चे जो गाँव में रहते हैं, इंटरनेट की सुवधा से दूर हैं, जिनके पास केवल एक छोटा फोन है जिससे केवल बात कर सकते हैं, दूसरे वे बच्चे जो देख नहीं सकते केवल सुन सकते हैं, इसे सुन सके और सीख सकें| एसी जानकारी रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Jan 06, 2021. Tags: EDUCATION SONG VICTIMS REGISTER
मुक्ति दिलाये इशु नाम...गीत-
नया रायपुर (छत्तीसगढ़) से अनमोल कुमार चंद्राकर एक गीत सुना रहे हैं:
मुक्ति दिलाये इशु नाम...
अपने गीत संदेशो को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Jan 05, 2021. Tags: SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : कान दर्द का घरेलु उपचार-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल कान दर्द का घरेलु उपचार बता रहे है, प्याज का रस एक चम्मच 5-6 तुलसी के पत्ते का रस दोनों को मिलकर गुनगुना गर्म कर ले और 4-5 बूंद कान में डालने से आराम मिलाता है दर्द कम हो जाता है| मधुमेह का उपचार -पलाश का चाल को सुखा कर रख ले |इसमे से 10 ग्राम चाल को पानी में भिगो कर रात में रख दे | और उस पानी को सुबह छानकर पी ले|प्रतिदिन दिन में 2 बार सेवन करने से मधुमेह का रोग जाता रहता है |दो महने में नष्ट हो जाता है, (181486) D
Posted on: Jan 05, 2021. Tags: HEALTH DEPARTMENT KOREYA CG SONG VICTIMS REGISTER
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं...भजन-
इटावा (उत्तरप्रदेश) से राहुल कुमार यादव एक गीत सुना रहे हैं:
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं-
राम नारायणं जानकी वल्लभं-
कौन कहता है भगवान आते नहीं-
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं-
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं-
राम नारायणं जानकी वल्लभं-
कौन कहता है भगवान खाते नहीं-
बेरशबरी के जैसे खिलाते नहीं-
राम नारायणं जानकी वल्लभं...(AR)
