मैं भारत का नागरिक हूँ...कविता
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार कविता सुना रहे है :
मैं भारत का नागरिक हूँ-
मुझे लड्डू दोनों हाथ चाहिये-
बिजली मैं बचाऊँगा नहीं-
बिल मुझे माफ़ चाहिये-
पेड़ मैं लगाऊँगा नहीं-
मौसम मुझको साफ़ चाहिये-
शिकायत मैं करूँगा नहीं-
कार्रवाई तुरंत चाहिये-
बिना लिए कुछ काम न करूँ-
पर भ्रष्टाचार का अंत चाहिये...
Posted on: Feb 28, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सैला बरे पैला बरे: पारंपरिक सैला गीत...
ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेवालाल केवट अपने साथियों के सांथ एक पारंपरिक सईला संगीत प्रस्तुत कर हैं. ये गीत मध्य भारत में निवास करने वाले गोंड जनजाति के लोग दशहरा, दीपावली, नवाखाई के अवसर पर गाया करते है, यह गीत और नृत्य इस समय रेवालाल जी के गाँव में चल रहा है जिसे वे अपने फोन के माध्यम से सीजीनेट के सुनने वाले साथियों के साथ बांटना चाहते हैं. इन समारोहों में अक्सर पूरा गाँव ही शामिल होता है और बच्चे, बूढ़े, महिलाओं सहित सारे लोग नृत्य और गीत में शामिल होते हैं और कोई दर्शक नहीं होता। पर दुखद है कि ये प्राचीन परम्पराएं अब धीरे धीरे कम और ख़त्म होती जा रही है और नयी पीढ़ी इसमें कम ही रूचि ले रही है. अभी के गीत के बोल हैं : सैला बरे पैला बरे-
Posted on: Feb 28, 2019. Tags: REWALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
दाई दाऊ रहत बरे, खालेबा गुड़ शक्कर...डोमकच्छ गीत-
ग्राम-डिज़ावल, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ललमनिया और सुनीता एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं:
दाई दाऊ रहत बरे, खालेबा गुड़ शक्कर-
दाई दाऊ रहत पाबे, खा ले मा गुड़ शक्कर-
खा ले मा गुड़ शक्कर, ससुर घर जाबे रे-
नमक खात खात-
ससुर घर जाबे रे रोवत खाना खाबे रे-
रोवत खाना खाबे...
Posted on: Feb 27, 2019. Tags: CG PRATAPPUR SONG SUNITA SURAJPUR VICTIMS REGISTER
बेटी के बिहाव में झालर मलहर मढूवा...डोमकच्छ गीत-
ग्राम पंचायत-डिज़ावल विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ललमनिया और सुनीता एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं:
बेटी के बिहाव में झालर मलहर मढूवा-
बेटी के बिहाव में रे-
झालर मलर मढूवा ठोकब दे जोहर-
बेटा के बिहाव में ठोका रे जहाजनी रे-
ठोका रे जहाज...
Posted on: Feb 27, 2019. Tags: CG PRATAPPUR SONG SUNITA SURAJPUR VICTIMS REGISTER
तीन तिरियो रेंगा दे रे- कहां पाबे बेटा लईका, काहिन तिरियो रेंगा दे रे-
ग्राम डिज़ावल, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से लालमनी और सुनीता एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं:
तीन तिरियो रेंगा दे रे-
कहां पाबे बेटा लईका, काहिन तिरियो रेंगा दे रे-
कहां पाबे बेटा लईका, पानी ले जाबे रे-
पंडुबी ला खेलबे रे, पंडूबी ला खेलाबे...
