स्वास्थ्य स्वर : बालों के टूटने, झड़ने, दो मुहे बाल होने के घरेलू उपचार
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी बालों के टूटने, झड़ने, दो मुहे बाल होने के घरेलू उपचार बता रहे हैं | गुडहल का फूल 100 ग्राम, नारियल का तेल 500 ग्राम, भ्रंगराज पंचांग सफेद फूल वाला 150 ग्राम सभी को इकट्ठा कर लें| उसके बाद नारियल के तेल को लोहे की कड़ाही में गर्म करें| उसके बाद सभी को सामाग्री को तेल डालकर उबालें| जब सभी जल जाये तो ठण्डा कर छानकर सीसी में रख लें| सुबह शाम तेल से बालों की जड़ो में हल्के हाथो से मालिस करें| लगातार 3 माह तक उपयोग करने से लाभ हो सकता है| बाल धोने के लिये मुल्तानी मिट्टी या काली मिट्टी का उपयोग करें| शैम्पू या साबुन का उपयोग कम करें| पेट साफ़ रखे| बाल हरण का चूर्ण गुनगुने पानी से सेवन करने से पेट साफ़ होता है| एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: Apr 16, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : मुह होने वाले छाले का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी मुह होने वाले छाले का घरेलू उपचार बता रहे हैं | इलायची 10 ग्राम, शहद 20 ग्राम, हल्दी भुनी हुई 10 ग्राम, इलायची और हल्दी को साफ़ कर पीसकर चूर्ण बना लें, और सुरक्षित रख लें| दिन में तीन से चार बार शहद के साथ मुह में लगाकर आराम करना है| सुबह शाम टहलना है| पेट साफ़ रखना है| बाल हरण का चूर्ण गुनगुने पानी से सेवन करने से पेट साफ़ होता है| मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम करें| नशा न करें| मैदा, शक्कर नमक का प्रयोग कम करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: Apr 15, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
चौकीदार को दमदार और होसियार होना चाहिये...कहानी-
एक दिन की बात है| एक प्यासा शेर पानी की तलास में निकला| काफी दूर चलने के बाद उसे एक नदी मिला| वह पानी पिया और आराम करने के लिये एक बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गया, और गहरी नीद सो गया | जब शेर जगा सूर्यास्त होने वाला था| नदी पास ही एक गांव था| वह सोचा थोड़ा घूमकर आया जाय| और चल पड़ा गांव में एक कुत्ता घूम रहा था| शेर ने पूछा तुम कौन हो भाई कुत्ता बोला मै गांव का चौकीदार हूँ| लोग मुझे चाहते हैं| खाने को देते हैं| कुत्ते के पूछने पर शेर बोला मै जंगल का राजा हूँ| मुझसे सभी डरते हैं| कुत्ता बोला इधर कैसे आये| मै तुम्हे नहीं आने दूंगा| तब शेर ने उस पर वार करने को सोचा | लेकिन कुत्ता होसियार था| वह भागकर जोर से भौकने लगा| आवाज सुनाकर दूसरे कुत्ते और गांव के लोग आ गये, जिसे देखकर शेर को जान बचाकर भागना पड़ा|
Posted on: Apr 15, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
जहां पहाड़ पर्वत निर्जीव वस्तुओ की पूजा होती हो...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
जहां पहाड़ पर्वत निर्जीव वस्तुओ की पूजा होती हो-
उस देश से महान और कौन सा देश हो सकता है-
जिस देश में नदी नाला की पूजा होती हो-
उस देश जैसा और कौन देश हो सकता है-
जिस देश में पेड़ पौधों की पूजा होती हो-
उस देश जैसा धर्मात्मा देश और कौन देश हो सकता है...
Posted on: Apr 15, 2019. Tags: CG KANHIAYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
शरण में जीवन जो बिताऊ ने- शरण मा तोरे आओ ने...लोक गीत-
सीजीनेट के साथी प्रदीप रैदास एक बुंदेली लोकगीत सुना रहे हैं:
शरण में जीवन जो बिताऊ ने-
शरण मा तोरे आओ ने-
कृपा बस अपनी मईया की चाऊ ने-
शारदा भवानी तुम हो माँ शेरा वाली-
तुमी मात वैष्णो हो शारदा हो काली-
आशा लगी है मईया, आशा न तोडियो-
जग रूठे मईया मोरी तुम न माँ रुथियो...
