Impact : सीजीनेट में सन्देश रिकॉर्ड करने पश्चात् समस्या का समाधान हो गया...
ग्राम पंचायत -खरगहना, पोस्ट-खुडिया, तहसील-डिंडौरी, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से सावित्री बाई पति गणेश प्रसाद बता रहे हैं कि उनके पत्नी के नाम में जमीन है लेकिन उन्हें किसान सम्मान निधि योजना का पैसा अब तक नही मिला था वे सम्बधित अधिकारियों के पास कई बार गये थे लेकिन अब तक कोई सुनवाई नही हुआ था, तो ये साथी अपना सन्देश सीजीनेट में रिकॉर्ड करवाया और कुछ दिनों बाद उनके समस्या का समाधान हो गया वे सभी मददगार साथियों को धन्यवाद दे रहे हैं| संपर्क@8959040460.(179158) GT
Posted on: Dec 27, 2020. Tags: AGRICULTURE SONG VICTIMS REGISTER
मासिक धर्म के दौरान पैड जरुरी होती है-
जिला बीजापुर (छत्तीसगढ़) से पूर्णिमा साहू साथ में सरिता साहू हाथो से बनाते है पैड के बारे में बता रही है, मासिक धर्म के दौरान पैड जरुरी होती है, पैड उपयोग करने से इन्फेक्शन से बचे सकते है| (183229) GT
Posted on: Dec 26, 2020. Tags: HEALTH DEPARTMENT SONG VICTIMS REGISTER
भारत हमको जान से प्यारा है...देशभक्ति गीत-
ग्राम -सुरनार, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से गोपीनाथ मांडवी एक देशभक्ति गीत सुना रहें है :
भारत हमको जान से प्यारा है-
सबसे न्यारा गुलिस्तां हमारा है-
भारत हमको जान से प्यारा है-
सबसे न्यारा गुलिस्तां हमारा है-
सदियों से भारत भूमि, दुनिया कि शान है-
भारत मां कि रक्षा में जीवन कुर्बान है-
भारत हमको जान से प्यारा है...(183237) gm
Posted on: Dec 26, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
बसंती बयार बहोल सोरसो फूलाइल...भोजपुरी गीत-
नितेश सिंह ग्राम-देवरिया, (उत्तरप्रदेश) से भोजपुरी गीत सुना रहें है:
बसंती बयार बहोल सोरसो फूलाइल-
ये हो पिया काहे बड़ा तू भुलाइल-
ये परदेशी पिया तोहार प्रितीय सतावे ला-
पूर्वी बयरिया मार जान हाय-
पपीहा प्रान भइलू लुट बजुराई-
बसंती बयार बहोल सोरसो फूलाइल...(183195) GT
Posted on: Dec 26, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
मै बंदत हो दिन रात हो, मोर धरती मैईया जय होवय तोर...छत्तीसगढ़ी देशभक्ति गीत
ग्राम-कुमरता, तहसील-धर्मजयगढ़, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से महेश कुमार सिदार एक छत्तीसगढ़ी देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
मै बंदत हो दिन रात हो, मोर धरती मैईया जय होवय तोर-
मोर छईया भुईयां जय होवय तोर-
सोत उठ के बड़े बिहनिया तोरे पईयां लागों-
अरे शुरू जोत माँ करो आरती, गंगा पांव पखारों-
तोर काया फूल चढाओं हो मोर धरती मईयां जय होवय तोर-
हाय रे मोर छईयां भुईयां जय होवय तोर...(183234) GT
