अजवाइन और हींग में लहसुन तेल पकाय-, मालिस जोड़ो की करे, दर्द दूर हो जाये...कविता
ग्राम-उभेगाव, जिला-छिन्दवाडा, (मध्यप्रदेश) से माला धुर्वे आयर्वेद से सम्बन्धित
एक कविता सुना रही हैं :-
ठंड लगे जब आप को, सर्दी से बेहाल – नीबू,मधु के सांथ में, अदरक पियें उबाल-
लाल टमाटर लीजिए, खीर सहित इसमें है-
ज्यूस, करेला सांथ हो दूर रहे मधुमेह-
अजवाइन और हींग में लहसुन तेल पकाय-
मालिस जोड़ो की करे, दर्द दूर हो जाये...
Posted on: Feb 28, 2019. Tags: MALA DHURVE SONG VICTIMS REGISTER
ग्राम पंचायत, बढ़ावनडाड के ग्रामीण ५ किलोमीटर दूर से पिने का पानी लाने को मजबूर...
ग्राम पंचायत-बढ़ावनडाड,जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से सुखसागर सिंह ग्रामीणों से चर्चा कर रहे मौजूद महिलाऐ पीने के पानी की समस्या बता रही है सुमिंत्रा बाई, कौशल्या बाई और विद्या बाई जो बता रही हैं कि यहां पानी की बहुत समस्या है, 20 परिवार यहाँ रहते है लोगो को पीने के पानी के लिए 5 किलो मीटर दूर जाना पड़ता है नहाने के लिए भी पानी की कोई अच्छी सुविधा नहीं है, इस समस्या के लिए आवेदन भी किया है लेकीन कोई सुनवाई नहीं हुई है, इसलिए सीजीनेट के सभी साथियों से निवेदन है की इन नम्बरों पर फ़ोन कर दबाव बनाये जिससे पानी की समस्या का समाधान किया जा सके...
सरपंच@8120755680,पी.एच.ई.@9993485805. सुखसागर@9669383380
Posted on: Feb 28, 2019. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAVLE VICTIMS REGISTER
सुनो सुनो ये दुनिया वालो, ये जगवासा लकड़ी का...गीत
ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-पसला, थाना जिला-अनुपपुर, (मध्यप्रदेश) से कन्हैया लाल केवट
जीत लकड़ी मरन कबीरा, खेल बना है लकड़ी का-
सुनो सुनो ये दुनिया वालो, ये जगवासा लकड़ी का-
जिस दिन तेरा जन्म हुआ था, पलंग बना था लकड़ी का-
तेरे पालने को बंधवाया, एक पलना लकड़ी का-
सुनो सुनो ये दुनिया वालो, ये जगवासा लकड़ी का-
जिया करे मन बहलाने को, देख खिलौना लकड़ी का-
गली में जब तू, खेलन निकला, गिल्ली डंडा लकड़ी का...
Posted on: Feb 28, 2019. Tags: KANHYALAL KEVAT SONG VICTIMS REGISTER
मैं भारत का नागरिक हूँ...कविता
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार कविता सुना रहे है :
मैं भारत का नागरिक हूँ-
मुझे लड्डू दोनों हाथ चाहिये-
बिजली मैं बचाऊँगा नहीं-
बिल मुझे माफ़ चाहिये-
पेड़ मैं लगाऊँगा नहीं-
मौसम मुझको साफ़ चाहिये-
शिकायत मैं करूँगा नहीं-
कार्रवाई तुरंत चाहिये-
बिना लिए कुछ काम न करूँ-
पर भ्रष्टाचार का अंत चाहिये...
Posted on: Feb 28, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सैला बरे पैला बरे: पारंपरिक सैला गीत...
ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेवालाल केवट अपने साथियों के सांथ एक पारंपरिक सईला संगीत प्रस्तुत कर हैं. ये गीत मध्य भारत में निवास करने वाले गोंड जनजाति के लोग दशहरा, दीपावली, नवाखाई के अवसर पर गाया करते है, यह गीत और नृत्य इस समय रेवालाल जी के गाँव में चल रहा है जिसे वे अपने फोन के माध्यम से सीजीनेट के सुनने वाले साथियों के साथ बांटना चाहते हैं. इन समारोहों में अक्सर पूरा गाँव ही शामिल होता है और बच्चे, बूढ़े, महिलाओं सहित सारे लोग नृत्य और गीत में शामिल होते हैं और कोई दर्शक नहीं होता। पर दुखद है कि ये प्राचीन परम्पराएं अब धीरे धीरे कम और ख़त्म होती जा रही है और नयी पीढ़ी इसमें कम ही रूचि ले रही है. अभी के गीत के बोल हैं : सैला बरे पैला बरे-
