इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले...भजन-
ग्राम-वेंकटनगर, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से शांतनु पांडे एक भजन सुना रहे हैं :
इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले-
गोविन्द नाम लेकर, मेरी जान तन से निकले-
या तो गंगाजी का तट हो, या व्रज का वंशी तट हो-
और सांवरा निकट हो, तब प्राण तन से निकले-
प्रभु यही मेरी अरज है, मानो तो क्या हरज है-
कुछ तुम्हारी भी फरज है जब प्राण तन से निकले-
इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले...
Posted on: Jul 30, 2018. Tags: SHANTANU PANDE SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : बरसात के दिनो में होने वाली बीमारी काई का घरेलू उपचार-
ग्राम-सुरषा जिराक, पोस्ट-कालाबरती, थाना-चलगली, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से चंदर साय बरसात के दिनों में अक्सर होने वाली बीमारी काई (कन्दई) का घरेलू उपचार बता रहे हैं, काई ऐसी बीमारी है, जो बारिश के दिनो में होती है, जिसमे पैर की उंगलियां नीचे से कट जाती है, ये हाथ में भी हो सकता है, जिससे चलने, काम करने में दिक्कत होती है, दर्द होता है, समस्या से पीड़ित व्यक्ति कड़ुआ (सरसो) का तेल और पीसी हल्दी को मिलाकर आग में पका लें और शाम को सोते समय काई वाले जगह में लगा लेवें, लगातार 3 दिन तक प्रयोग करने से लाभ मिल सकता है : संपर्क नंबर@9009784751.
Posted on: Jul 30, 2018. Tags: CHANDAR SAI HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
महादेव कहे सुन पार्वती भंगिया मत देना गवारन को...भजन-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक भजन सुना रही हैं :
महादेव कहे सुन पार्वती भंगिया मत देना गवारन को-
श्री राम की नगरी अयोध्या है, श्री कृष्ण की नगरी गोकुल-
महदेव के नगरी कैलाशपुरी भंगिया मत देना गवारन को-
महादेव कहे सुन पार्वती भंगिया मत देना गवारन को-
श्रीराम के पत्नी सीता है, श्री कृष्ण के पत्नी राधा है-
महादेव की पत्नी पार्वती भंगिया मत देना गवारन को-
श्री राम का भोजन वन फल है, श्री कृष्ण की भोजन माखन है...
Posted on: Jul 30, 2018. Tags: MANDAKNI MISHRA SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : पलास के औषधीय गुण-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय पलास के पौधे जिसके फूल को टेसू भी कहते है, के औषधीय गुण बता रहे हैं, पलास के पौधे को अलग-अलग जगह पर अलग-अलग नाम से जाना जाता है. उपयोगिता: 1- पलास चर्म रोग, खाज खुजली, दाद के लिए उपयोगी है, इसके लिए पलास के बीज को नीबू के रस में मिलाकर पीस ले और शरीर के ग्रसित भाग पर लेप करें, इससे लाभ हो सकता है, 2- उसके बीज को अकवन के दूध में घिसकर लगाने से बिच्छू दंस में लाभ हो सकता है, 3- प्रमेय रोग में पलास के फूल का चूर्ण और मिश्री का चूर्ण एक-एक चम्मच पानी के सांथ प्रतिदिन एक बार सेवन करने से लाभ हो सकता है : संपर्क नम्बर@9424759941.
Posted on: Jul 30, 2018. Tags: HEALTH RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
मुझे यार अपना न समझो मै तो बड़ा कमीना हूँ...व्यंग्य रचना-
मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से कामता प्रसाद शर्मा व्यंग्य रचना सुना रहे हैं :
मुझे यार अपना न समझो मै तो बड़ा कमीना हूँ-
छल फरेब कर सता सताकर मुश्किल करता जीना हूँ-
मुझे यार अपना न समझो, मन ही मन मै गाली देता ऊपर से मुश्काता हूँ-
अड़ियलपन भीतर से रखता फिर भी शीश झुकता हूँ-
मै गरीब इनसानों का पीता खून पसीना हूँ-
घड़ीयाली आंसू रोता हूँ हांथी सा अड़ जाता हूँ-
कुत्ता बनकर द्वार न छोडूं गदहा सा मै खाता हूँ...
