स्वागत तेरी हम है करते गाते हैं मधुर संगीत...स्वागत गीत-
ग्राम पंचायत-देवगांव, जिला-नरायणपुर (छत्तीसगढ़) से सुखदाई कचलाम और सोनवती दुग्गा एक स्वागत गीत सुना रही हैं :
स्वागत तेरी हम है करते गाते हैं मधुर संगीत-
होठो पर मुस्कान लिये हम गाते हैं ये गीत-
हो हो हो हो ला ला ला ला-
उमड़ रही है खुशी हमारी आज के दिन आने पर...
Posted on: May 10, 2021. Tags: CG NARAYANPUR SONG SUKHDAI KACHLAM
क्या फूल चढ़ाऊँ मै प्रभु के चरणों मे...भक्ति गीत-
ग्राम-देवगांव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से सोनबती दुग्गा साथ में कुमारी दुर्गे मंडावी एक गीत सुना रहें है:
क्या फूल चढ़ाऊँ मै प्रभु के चरणों मे-
कंहा कैसे क्या उपहार दू मै समझ ना पाऊँ-
मुझें बता दे प्यारें प्रभु क्या पसंद है मेरे प्रभु-
उसें तोड़ लाऊँ तेरे लिए उसे चुन लाऊँ तेरे लिए-
मेरा ये जीवन तुझपे समर्पण करती हूँ मै प्रभु तेरे लिये-
उसें तोड़ लाऊँ तेरे लिए उसे चुन लाऊँ तेरे लिए....
Posted on: May 10, 2021. Tags: BHAKTI CG NARAYANPUR SONBATI DUGGA SONG
पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सलियों के अत्याचार की कहानी-
ग्राम पंचायत-कोकामेटा, जिला-नारायणपुर, (छत्तीसगढ़) से संबती दुग्गा साथ में श्यामराम नुरेटी बता रहे हैं की उनके बड़े भाई को नक्सलीयों ने 2005 रात 8 बजे घर से कचापाल ले जाकर मार दिया. उनका मृत शरीर भी नहीं मिल पाया| उनको सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली है. इसलिए सभी साथियों से मदद की अपील कर रहे है, अधिक जानकारी के लिए संपर्क@8319067459.
Posted on: Mar 11, 2021. Tags: CG NARAYANPUR SHYAMRAM NURETI VICTIM REGISTER
पीड़ितो का रजिस्टर: सरकार के योजनायें नही मिलने कारण गाँव छोड़कर भागे हैं-
ग्राम-चालचेर, पंचायत-आदेर, विकासखंड-ओरछा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से सनुराम बता रहे हैं कि उनके परिवार में 4 सदस्य रहते हैं, वर्तमान में अपना गांव छोड़कर शांतिनगर आकर रह रहे हैं, मूल सुविधा व आर्थिक स्थिति के वजह से अपना गांव छोड़ना पड़ा, 12 वी तक उनकी पढाई है, सरकारी नौकरी के लियें उन्होंने कई बार आवेदन कियें लेकिन अभी तक उनका कोई सुनवाई नही हुई, अधिक जानकारी के लिए संपर्क@8253094661.
Posted on: Feb 28, 2021. Tags: NARAYANPUR CG SANURAM VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सलियों के डर से घर छोड़कर भागे हैं, यहाँ मजदूरी करके जीवन चला रहे हैं...
ग्राम कुतुल, ब्लॉक-ओरछा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से सुकदेव वड़दा बता रहें है पिता का नाम महरूराम वडदा, माता का नाम राजे बाई, वे 2005 में नारायणपुर आये और यही बस गये। यहाँ आने के वजह से गाँव में पिताजी को नक्सली लोग मारने वाले थे इसलिए डर करण भाग कर आ गये और यहां आकर घर बनाने के लिए जमीन खरीद लिए हैं और परिवार के 6 सदस्यों के साथ मजदूरी करके जीवन गुजार रहे हैं| सुकदेव वडदा एक कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं| जबकि ये साथी सरकार से मदद की अपील कर रहे हैं की कोई भी दैनिक रोजगार मिल जाए जिससे अपना परिवार का पालन पोषण कर करें| सम्पर्क नम्बर@9977741285. (181530)
