जय हो कुदरगढी माँ, सुन ले तै मोरे पुकार...भजन-

ग्राम-कडिया, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से हिरमन पोया एक भजन गीत सुना रही हैं :
जय हो कुदरगढी माँ, सुन ले तै मोरे पुकार-
बसे हो दाई मोरे ऊँचे पहाड़ उपरे-
जय हो कुदरगढी माँ, सुन ले तै मोरे पुकार-
दूरा मा आये हों दाई तोरे, सुन ले तै मोरे पुकार-

Posted on: Mar 20, 2019. Tags: BALRAMPUR CG HIRMAN POYA SONG VICTIMS REGISTER

नार माग नार, रही कन भेडा नार...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
नार माग नार, रही कन भेडा नार-
जिंदल के आये मा, हो गईस नार खार-
हॉट रही धान कूढा-कूढा-
ले डूब मरिस कोती जिंदल बूढा-
अब नहीं चले ओमा नागर हल-
वह होगिस अब दलदल...

Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

पुदनावा तोहरे की पीसब चटनिया…झूमर गीत-

ग्राम-दुबियाडीह, पंचायत-इंजामी, तहसील-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुघरी बाई और मंदों एक झूमर गीत सुना रहे हैं :
पुदनावा तोहरे की पीसब चटनिय-
सासन की देबै ससुर जी की देबय-
ननदिया तोहरे की तोड़ हिसा देबय-
पुदनावा तोहरे की पीसब चटनिया…

Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG ODGI SONG SUGHARI BAI SURAJPUR VICTIMS REGISTER

क्या रंगों मै होली के रंग में लाला...रचना-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक स्वरचित रचना सुना रहे हैं :
क्या रंगों मै होली के रंग में लाला-
सुने हवों, निखार इनका भी, मीरा कोयला कला-
कुदत हवों गांव-गांव घर उजर जाही-
आने कोती ले कूकुर कसन-
हुदा-हुदा मन के आंही...

Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RACHANA RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

हमें दूसरो की कमी को ही ध्यान नहीं देना चाहिये बल्कि उसे दूर कर अच्छाई को निखारना चाहिये...कहानी-

एक गांव में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था| रामू के पास एक छोटा सा खेत था| जिससे वह अपना घर चलता था| एक दिन वह बाजार में खेत के लिये बीज खरीद रहा था| तभी उसकी नजर दो बड़ी और सुंदर घडो पर पड़ती है, रामू दोनों घडो को खरीद कर घर की ओर चला जाता है| अगली सुबह वह दोनों घडो में लकड़ी बांधकर पानी भरने नदी में जाता है| वह पानी लेकर वापस आता है, तो देखता है कि एक घड़ा फूटा है, जिसमें आधा पानी है| ये देखकर वह निरास नहीं होता और अपने काम पर चला जाता है| दिन गुजरते जाते हैं| रामू प्रतिदिन उन्ही घड़े से पानी लाता है| ये सब देखकर फूटा घड़ा दुखी होता है कि फूटे होने के बाद भी रामू उसे फेकता नहीं उससे पानी लाता है| अगले दिन फूटा घड़ा अपने मालिक से दुखी होकर अपनी कमी को बताता है| रामू कहता है मुझे तुममे कोई कमी नहीं दिखाई देती| वह फिर पानी लेने चला जाता है | फूटा घड़ा रास्ते में खिले फूलो को देखकर अपनी कमी को भूल जाता है लेकिन वापस घर आधे पानी लाने पर दुखी होता है| तब रामू बताता है | रास्ते में जो सुंदर फूल देखकर तुम अपनी कमी को भूल गए थे वे फूल तुम्हारे वजह से ही लगे हैं, तुमसे जो पानी गिरता है उसी से वो फूल उगे हैं और इससे मुझे आमदनी भी होती है| इस कहानी से सीख मिलती है | हमें दूसरो की कमी को ही ध्यान नहीं देना चाहिये बल्कि उसे दूर कर अच्छाई को निखारना चाहिये|

Posted on: Mar 19, 2019. Tags: RAKESH KUMAR SONG STORY VICTIMS REGISTER

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