हम जैसा व्यवहार करते है आगे हमें वैसा ही मिलता है...कहानी-
एक बार की बात है मोहन की मम्मी उसकी दादी माँ को मिट्टी के बर्तन में खाना दे रही थी, जिसे मोहन कई दिनो से देख रहा था, एक दिन उसने अपने दादी माँ से पूछा मेरी माँ आपको मिट्टी के बर्तन में खाना क्यों देती है, दादी ने जवाब दिया बेटा मै बूढी हो गई हूँ इसलिए, जिस पर बच्चे ने कहा, दादी माँ कल आप खाना हांथ में लेके छोड़ देना, फिर मै आपको डाटूंगा, आप बुरा मत मानना, अगले दिन दादी ऐसा ही करती है, जिस पर बच्चे ने दादी को डांटते हुए कहा आप मिट्टी के बर्तन को तोड़ दिए, अब मै बुढ़ापे में अपने मम्मी-पापा को खाना किसमे दूंगा, सारी बात बच्चे की माँ सुन रही थी, इससे सीख मिलती है हम जैसा व्यवहार करेंगे हमें भी वैसा ही व्यवहार मिलेगा|
Posted on: Aug 06, 2018. Tags: BALRAMPUR CHHATTISGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER VIJAY MARAVI
मोरे गंवई के माटी हा, मोला सरस सही लागे गा...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-लामकन्हार, तहसील-अंतागढ़, जिला-कांकेर उत्तर बस्तर (छत्तीसगढ़) से कुमारी प्रीति गावड़े और कुमारी निन्देश्वरी गावड़े एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
मोरे गंवई के माटी हा, मोला सरस सही लागे गा-
तरिया नदिया अउ अमरैया जग सुहावन लागे पुरवैया-
कोयलिया हा करे गुटुर गू, मैना ताल सुनावे गा-
आमा अउ इमली के सुघ्घर छैंया, बड़े मन मोला भावे गा-
मोरे गंवई के माटी हा मोला सरस सही लागे गा...
Posted on: Aug 05, 2018. Tags: KANKER CHHATTISGARH PREETI NINDESHWARI SONG VICTIMS REGISTER
पईंया पखारो तोला पहनाओं हार, ये मोर भारत भुईंया के माटी ला बंदो तोला बारंबार...गीत-
ग्राम-सरईमाल, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
पईंया पखारो तोला पहनाओं हार-
ये मोर भारत भुईंया के माटी ला बंदो तोला बारंबार-
तोर कोरा मा देवी देवता ये दुनिया के डेरा-
ये दुनिया के डेरा ओ माता, ये दुनिया के डेरा-
तोर कोरा मा जीव-जंतु अउ ये दुनिया के डेरा-
माथ नवाओं तोला पहनाओ हार, मोर भारत भुईंया के माटी ला बंदो तोला बारंबार...
Posted on: Aug 05, 2018. Tags: CULTURE DINDORI MP SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
भाचा बखान मै वीर हनुमाना, जा भाचा ले लाना सजीवन गाचा...गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं :
भाचा बखान मै वीर हनुमाना-
जा भाचा ले लाना सजीवन गाचा-
सजीवन गाछा लखीना ही न पाया-
हट पर्वता ला हलानी मढाया-
भाचा बखानो मै वीर हनुमाना-
सूक्ष्म रूप धरे सिया ला दिखाया-
विकट रूप धरे लंका जलाया...
Posted on: Aug 05, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SONG SURGUJA CHHATTISGARH
वनांचल स्वर : दाद, खाज, खुजली का घरेलू उपचार-
पुरानी बस्ती रानीरोड, कोरबा (छत्तीसगढ़) से डॉ रमेश रिजवी दाद, खाज, खुजली का घरेलू उपचार बता रहे हैं, जो व्यक्ति इस बीमारी से ग्रसित हैं वे 50 ग्राम दीवाल में पुताई करने वाला चूना और 1 लीटर पानी एक मिट्टी के बर्तन में रख दें, करीब 24 घंटे तक रहने दें, चूने का गैस खत्म होने के बाद चूना तैयार हो जाता है, उसके बाद एक बर्तन में 250 ML चूना पानी और 250 ML अलसी का तेल लेकर दोनों को अच्छे से मिला ले, जब वह पेस्ट की तरह बन जाए तब रोग ग्रसित जगह पर उस मलहम को लगा सकते हैं, दवा को जले, कटे, फोड़ा, फुंसी वाली जगह पर लगाने पर उसमे थोडा जलन होता है, पर इससे थोड़ी देर में आराम मिल सकता है, अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9131235332.
