बैंक से लोन नहीं मिल रहा है...मदद करे
ग्राम- पपनी तहसील- प्रतापपुर जिला- सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से संतोष देव मरावी अपना समस्या बता रहे हैं| यह बोल रहे है की, जिला सूरजपुर कार्याल कुटयोग से 1 लाख का लोन पास कराया था, वहां से पास हो गया पर बैंक मैनेजर लोन नहीं दे रहा है| पिछले 3 महीने से घुमा रहा है| बैंक का नाम कैनरा बैंक है, शाखा नंबर- 06058 है| इसलिए वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं इनकी मदद करें| बैंक मैनेजर @8959909086 टोल फ्री नंबर@180023332000| संपर्क नंबर@7828813973
Posted on: May 17, 2019. Tags: CG CHHATISGARH SANTOSH DEV MARAWI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
समय आये समय जाये - कविता
ग्राम-निलकंठपुर , ब्लाक-परतापुर, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक कविता सुना रहे है:
समय आये समय जाये, इसे कोई रोक न पाए
गया हुआ समय फिर न आये
आज के जवान नशे मै झूम रहे हैं
इस मस्ती मै घूम रहे हैं
देश का अपना ज़रा देखो नज़ारा
सोने का चिडया का देखो कितना नाम है प्यारा...
Posted on: May 17, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH JAGDEB PRASAD POYA POEM SONG VICTIMS REGISTER
क ख ग घ पढ़े चला पाठशाला मे - कविता
ग्राम-निल्कंतपुर, ब्लाक-परतापुर, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक कविता सुना रहे है:
कागज कलम धर के बाबू गुरुजी कर झाला मे
क ख ग घ पढ़े चला पाठशाला मै,
कागज कलम धर के बाबू गुरुजी कर झाला मे
क ख ग घ पढ़े चला पाठशाला मै
खाए भर मिली बासी पर्षा कर खाला मै
लिखे भर मिली बाबु पता कर स्लेट मै...
Posted on: May 17, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH JAGDEB PRASAD POYA POEM SONG VICTIMS REGISTER
ये भारत के तरुर वीर...कविता
ग्राम- सिंहपुर तरहसील- पंडरिया जिला- कबीरधाम से ओमकार मरकाम एक कविता सुना रहे है|
ये वीर भगीरथ महावीर,
धन भला अपन तरुर स्वरात फल,
फरहर मारत अब रंग महल,
ये रात तेरे, सरकार तेरे,
ये दिल्ली के दरवार पर...
Posted on: May 17, 2019. Tags: CG KABIRDHAM OMKAR MARKAM POEM SONG VICTIMS REGISTER
नाप के पैमाने की कहानी
ग्राम- सिंहपुर तरहसील- पंडरिया जिला- कबीरधाम से ओमकार मरकाम नाप के पैमाने की कहानी सुना रहा है|
आज से सौ साल पहले लोग अपने बीते, पंजे, से ही लंबाइयाँ नापते थे| सभी लोगो के बीते और पंजे की लम्बाई अलग अलग थे, इससे लोगो को काफी परेशानी होती थी| लोग फिर एक ही पैमाना बना लिया, उसे छोटे छोटे हिस्सों में बाँट लिया| फिर उसी से गज, इंच प्रचलन में आया, पर हर एक देश का अपना अपना पैमाना था| वहां के लोग अपने अपने पैमाने से नापते थे| यह काफी परेशानी की बात थी| फिर फ्रांस सामने आया और पैमाने का एक यूनिवर्सल रूल लाया जो आज हम सब उसे इस्तेमाल करते है, वह है मीटर|
