उड़े अबीर उड़े गुलाल, हर चहेरा दिखे लाल...कविता-
कानपुर (उत्तर प्रदेश) से के एम भाई होली त्योहार पर एक कविता सुना रहे हैं :
उड़े अबीर उड़े गुलाल-
हर चहेरा दिखे लाल-
होली का कुछ ऐसा हो घुमान-
कि ख़ुशी के रंग में-
रंग जाए हर इंसान-
इस होली कुछ ऐसा हो यार-
कि ढोल की एक ताल पे...
Posted on: Mar 21, 2019. Tags: KANPUR KM BHAI POEM SONG UP VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : थायराइड बीमारी का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी हाइपर थायराइड का घरेलू उपचार बता रहे हैं| हरी धनिया की पत्ती, सहजन जिसे मुनगा के नाम से भी जाना जाता है| मुलेठी, कला जीरी सभी को 10-10 ग्राम लेकर साफ़ कर पेस्ट बना लें| उसके बाद दो गिलास पानी में उबालें जब एक कप रह जाये, तब ठण्डा कर एक चुटकी काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर रख ले| उसके बाद एक कप सुबह खाली पेट और रात में सोते समय एक कप सेवन करें| तीन माह तक सेवन करने से लाभ हो सकता है| बीमारी का जांच करा कर ही दवा का प्रयोग करें| साथ में कचनार का चूर्ण एक-एक चम्मच पानी के साथ दिन में दो बार सेवन कर सकते हैं| अधिक जानकारी के लिये दिये गये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं: एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: Mar 21, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल...होली पर कविता-
जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार होली के त्योहार पर एक कविता सुना रहे हैं:
फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल-
अपने तन पर लेपता, केसर और गुलाल-
तन हो गया पलाश-सा, मन महुए का फूल-
फिर फगवा की धूम है, फिर रंगों की धूल-
मादक महुआ मंजरी, महका मंद समीर-
भँवरे झूमे फूल पर, मन हो गया अधीर...
Posted on: Mar 21, 2019. Tags: ANUPPUR MP POEM RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
मन के वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम...स्वागत गीत-
ग्राम-महेशपुर, पोस्ट-लटोरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सावित्री यादव एक स्वागत गीत सुना रहे हैं :
मन के वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम-
स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम-
कैसा पावन सुहावन समय आज है-
आप आये अतिथियों में सरताज है-
देव की भाती पूजन करें आज हम-
स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम...
Posted on: Mar 21, 2019. Tags: CG SAVITRI YADAV SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
मुझे तेरे होली के रंग में रंग लो श्याम...होली गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक भजन सुना रहे हैं:
मुझे तेरे होली के रंग में रंग लो श्याम-
मै तेरी प्रेम पुजारी-
न जानू मै भक्ति न कर सकूं, पूजा पाठ-
मै तो गृहस्थी घेर रखा है, मुझे माया जाल-
नित कमाता हूँ तो खाता हूँ-
ये माया की ही है, संसार...
