पकरी मा हारिल बोले बीही मा चिरैया...गीत-
ग्राम-नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक गीत सुना रहे हैं :
पकरी मा हारिल बोले बीही मा चिरैया-
पीपर मा मैना बोले अंगना मा गौरैया-
पतरा मा पोडकी बोले पहाड़ मा पपीहा दोस-
अमरैया मा कोयल बोले सुन के माया लागे दोस-
सनन सनन पवन चले जेठ अषाढ़ में-
सावन भादों घटा घनघोर मोर...
Posted on: Dec 16, 2019. Tags: CG JAGDEV PRASAD POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
Adivasi Bultoo (bluetooth) Radio in Gondi : 16th Dec 2019...
Today Nagamani is presenting Bultoo Radio in Gondi, In this latest edition of Bultoo radio discussing issues from Telangana and Andhra pradesh. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 8602008777 to record. Now, this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.
Posted on: Dec 16, 2019. Tags: BULTOO RADIO NAGMANI TELANGANA
केरा बारी मा आबे मझानिया के बेरा...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं :
केरा बारी मा आबे मझानिया के बेरा-
मोर केरा पान केरा बारी मा-
दगा झन देबे आहुंच कहिके-
मोर माया ला तैहां पहुंच कहिके-
गये बाजरे पिसाये शक्कर-
तोर कारण मै आये हों लगाये चक्कर-
केरा बारी मा आबे मझानिया के बेरा...
Posted on: Dec 15, 2019. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
जिसने तुझे जनम दिया रे दिल उनका नहीं दुखाना...गीत-
ग्राम-नवादा, पोस्ट-जवरा, जिला-चतरा (झारखण्ड) से संजय कुमार राना एक गीत सुना रहे हैं:
माँ बाप से बढकर जग में, कोई दूजा नही है खजाना-
जिसने तुझे जनम दिया रे दिल उनका नहीं दुखाना-
जिस माँ ने तुझे नौ महीने, अपने कोंख में पाल रक्खा-
चाहे बेटा घर हो बहार, माँ बनती कभी न दुश्मन-
जिसने तुझे जनम दिया रे दिल उनका नहीं दुखाना...
Posted on: Dec 15, 2019. Tags: CHATRA JHARKHAD SANJAY KUMAR RANA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : अभ्रक भस्म का उपयोग-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से केदारनाथ पटेल अभ्रक भस्म का उपयोग बता रहे हैं अभ्रक कोढ़, उदर रोग, मूत्र विकार कृमि रोग में उपयोगी है| अभ्रक को सेमल, मुसली, सतावर की छीटे की जड़, सफेद मुसली, दल मखाने की बीज विदाल कंद, कमल कंद सभी को सामान मात्रा में मिलाकर पीसकर छान लेना चाहिये, उसके बाद 5 चम्मच मिश्री मिलाकर उपयोग करने लाभ हो सकता है, दवा का उपयोग करने से पहले पूरी जानकारी लें : केदारनाथ पटेल@ 9826040015.
