ऐसे सच्चे वीर बनो तुम भारत के हो लाल...कविता-
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से आदित्य राय ठाकुर एक कविता सुना रहे हैं :
ऐसे सच्चे वीर बनो तुम भारत के हो लाल-
आजादी है अधिकार हमारा यही एक था जिसका नारा-
भारत का जन जन को पाया-
सर चढ़ाकर जिसने भुक्त जन जन का जंजाल-
लोक मानी से बनो वीर तुम भारत माँ के लाल...
Posted on: Jan 02, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR POEM SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
लाला जी ने केला खाया...कविता-
ग्राम-गोटा जमुरी, पंचायत-बोरंड, जिला-नरायणपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी सारा उईके, कुमारी जैमती गोटा, कुमारी सुनीता दुग्गा और कुमारी कनक उईके एक कविता सुना रही हैं :
लाला जी ने केला खाया-
केला खा कर मुह पिचकाया-
मुह पिचकाकर कदम बढाया-
पैर के नीचे छिलका आया-
लाला जी फिर गिरे धडाम-
मुह से निकला हाय राम...
Posted on: Jan 01, 2020. Tags: CG NARAYANPUR POEM SONG SUKHDAI MATRA VICTIMS REGISTER
8 साल से विधवा पेंशन के लिये आवेदन दे रहे हैं काम नहीं होता-
ग्राम-गोटा जमुरी, पंचायत-बोरंड, जिला-नरायणपुर (छत्तीसगढ़) से श्यामवती बता रही हैं वे 8 साल से विधवा हैं उन्हें पेंशन नहीं मिल रहा है, सचिव सरपंच लिख पढ़ कर ले गये है लेकिन कोई काम नहीं हुआ है इसलिये वे सीजीनेट स्वर सुनने वाले साथियों से अनुरोध कर रहे है कि दिये गये नंबर पर अधिकारीयों से बात कर विधवा पेंशन दिलाने में मदद करें : सरपंच@7879772062, सचिव@7587422907, CEO@9425263888, कलेक्टर@9425205669. संपर्क नंबर@7587826284.
Posted on: Jan 01, 2020. Tags: CG NARAYANPUR PROBLEM SONG SUKHDAI KACHLAM VICTIMS REGISTER
बकरी को खाने के लिये क्या दें और क्या नहीं दें...
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से बकरी पालन समूह और सभी बकरी पालन करने वाले श्रोताओं को कार्यक्रम के माध्यम से बकरी को खाने के लिये क्या देना चाहिये बता रहे हैं, बकरी का पाचन तंत्र और मनुष्य का पाचन तंत्र अलग होता है इसलिये उसे चावल नहीं खिलाना चाहिये, घास, पत्ती, चूरा आदि खिलाना चाहिये इस विषय पर जानकारी के लिये आइये सुनते हैं कार्यक्रम जिसे प्रस्तुत कर रहे हैं सरला श्रीवास और अनीता कुमारी|
जब बकरी बीमार पड़े तो उस समय गांव के पशु सखी से संपर्क करें...
Posted on: Jan 01, 2020. Tags: BIHAR INFORMATION MUZAFFARPUR SARLA SHRIVAS SONG SUNITA KUMARI VICTIMS REGISTER
कैसी है ये आजादी कहां हमारी आजादी...गीत-
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं :
कैसी है ये आजादी कहां हमारी आजादी-
विकास बोले ये कैसा विकास घर छूटे और खेत विनाश-
कर दिया हमको बेघर भईया हो गये लाचार-
अधिकार छीन लिया हमसे जल जंगल जमीन हमसे-
लेके रहेंगे हक हमारा जल जंगल जमीन हमारा-
हीराकुण्ड का पानी सारा-
अब नहीं देंगे अब नहीं देंगे होने ये अन्याय...
