हिन्दू के लिए ना, मुसलमान के लिए, जीना है तो जी, हिन्दुस्तान के लिए...देशभक्ति गीत
ग्राम-रक्शा, पोस्ट-फुन्गा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से उषा सिंह गीत सुना रही है:
हिन्दू के लिए ना, मुसलमान के लिए-
जीना है तो जी, हिन्दुस्तान के लिए-
गीता के लिए ना, कुरान के लिए-
जीना है तो जी, हिन्दुस्तान के लिए-
धरती के लिए ना, आसमान के लिए-
हिन्दू के लिए ना, मुसलमान के लिए-
जीना है तो जी, हिन्दुस्तान के लिए...
Posted on: Sep 06, 2017. Tags: SONG USHA SINGH VICTIMS REGISTER
अच्छा काम कर के जाने वाले...कविता
ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
हम कितना भी पैसा अपने दिमांग से कमा ले-
पर एक पाई भी साथ नही जाती-
आदमी मुट्ठी बंद करके, आता है-
परन्तु ख़ाली हाथ जाता है-
अच्छा काम कर के जाने वाले-
अपने पीछे खुशबू छोड़ जाते है-
गरीबोँ की सहायता करके-
जाने वाले को लोग याद करते है...
Posted on: Sep 05, 2017. Tags: KAILSH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव में हाई टेंशन वायर लटक रहा है, कभी भी दुर्घटना हो सकती है पर अधिकारी नहीं सुनते...
ग्राम-घाठा, पोस्ट-ननसरई, तहसील-पुष्पराजगढ़, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से पनकू सिंह धुर्वे बता रहे हैं कि उनके गाँव से बिजली का हाई टेंशन तार गुज़रता है जिसका एक पोल काफी दिनों से क्षतिग्रस्त हो गया है और उसके तार नीचे झूल रहे हैं जिससे ग्रामीणों को आने जाने व जानवरों को निकलते समय कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है पर कोई अधिकारी उनके अनुरोध को सुन नहीं रहे इसलिए वे सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं कि अधिकारियों को फोन करके दबाव बनाये ताकि कोई बढ़ी दुर्घटना न हो | विद्युत् विभाग अधिकारी@8224837247,CEO@9753725847, कलेक्टर@9425168667, पनकू सिंह धुर्वे@8359812102, 7772980096.
Posted on: Sep 04, 2017. Tags: PANKU SINGH DHURVE SONG VICTIMS REGISTER
सकल जगत की आधार प्रभु मोरी सुन पुकार...गीत
ग्राम-रकसा, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से चुनिया सिंह एक गीत सुना रही हैं :
सकल जगत की आधार प्रभु मोरी सुन पुकार-
बरमानन्द हो सवार गडुल परती दाई रे-
खेच रहे केश मेरी बेर से छुडाइये – पति हमारी सूरवीर धरम हैं तो धरय धीर-
आज हरी लाज मेरी आय को बचाइए-
चीर हरन करत हैं देर न लगाइए...
Posted on: Sep 02, 2017. Tags: SONG USHA SINGH VICTIMS REGISTER
सास बहू की कहानी...
ग्राम-रक्षा, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से उषा सिंह उईके एक कहानी सुना रही हैं:
किसी गांव में सास और बहू रहते थे एक दिन सास ने कहा मै तीर्थ जा रही हूँ, जो दूध दही होता है उसे बेच कर पैसा एकत्र कर लेना इसके बाद वो चली गई, चैत्र वैशाख का महीना था उनकी बहू सारा दूध दही पीपल, तुलसी के पेढ पर डाल देती और खाली बर्तन ला कर रख देती, तीर्थ करने के बाद जब सास वापस आई तो पैसे मांगी तो बहू ने सारा दूध पीपल पर डालने की बात बता दी इस पर सास ने कहा जैसा भी हो मुझे पैसे चाहिए, तब बहू पीपल और तुलसी के पास जाकर बैठ गई कहा कि मेरी सास मुझे दूध दही के पैसे मांग रही है मुझे पैसे दो तब पीपल कहता है बेटी हमारे पास पैसे नही है, कंकड़ पत्थर है इन्हें ले जा वह उठा कर अपने घर ले आई जब सुबह सास ने पूछा पैसे दो तो बहू ने अपना कमरा खोला तो देखा कि हीरे मोतीयों से पूरा कमरा जगमगा उठा बहू ने कहा ले लो अपने पैसे, यह देखकर सास के मन में भी लालच आया और वह भी बहू के जैसे ही रोज़ दूध दही पीपल और तुलसी में डालने लगी और बदले में एक दिन बहू जैसे पैसे मांगने लगी पर उसे कुछ नहीं मिला इस कहानी से यह संदेश जाता है कि लालच नही करना चाहिए-
