बच्चा सच्ची बात लिखेगा जीवन हैं स्वगात लिखेगा...कहानी
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कविता सुना रहे है:
बच्चा सच्ची बात लिखेगा जीवन हैं स्वगात लिखेगा-
जब वो अपनी पर आएगा, मरुस्थल में बरसात लिखेगा-
उठी आँखों में जुग्न्नु है सारी-सारी रात लिखेगा-
नन्हे हाथो को लिखने दो बदलेंगे हालात लिखेगा-
उसके सहने की सीमा है मत भूलो प्रतिघात लिखेगा-
बिना प्यार की खुशबु वाली रोटी को खैरात मिलेगा-
जा उसके सीने से लग जा वो तेरे जज्बात लिखेगा-
Posted on: Feb 17, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
हरियाली खुशहाली भईया...किसान जागरूकता गीत
सुनील कुमार ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से एक किसान जागरूकता गीत सुना रहे हैं:
हरियाली खुशहाली भईया-
हरियाली खुशहाली दीदी-
हर हाथ में हो काम सभी को मिले दाम-
मजदूर हो या किसान सबका हो अपना मकान-
हरियाली खुशहाली भईया...
Posted on: Feb 17, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
साफ सफाई और पेड़-पौधे लगायें, देश को स्वच्छ बनाए रखें...
ग्राम-बरतुंगा, जिला-जहांगीर छापा (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र कुमार नर्सिंग बता रहे हैं कि उनके यहाँ के समिति द्वारा आज के बैठक में यह निर्णय लिया गया हैं कि हर दिन सुबह 8 बजे से गाँव की गलियों की साफ सफाई करेंगे और पौधे लगायेंगे जिससे सभी जगह हरियाली बनी रहे और वातावरण शुद्ध हो |
Posted on: Feb 16, 2019. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA KUMAR NARSING
सुखंडी नामक रोग का उपचार टोटमा से ....
टोटमा (टोनही) के बारे में सुनील कुमार मालीघाट मुजफ्फरपुर बिहार से बोल हैं
सुखण्डी रोग का टोटमा:- इस रोग में बच्चा दुर्बल एवं कमज़ोर हो जाता हैं इस रोग से बचाव हेतु बच्चे को तराजू पर रखकर, उसके बराबर गाय का गोबर काले कपडे में बांधकर पीपल के वृक्ष से बांध देते हैं| ऐसी मान्यता हैं कि जैसे जैसे यह गोबर सूखता जायेगा वैसे ही बच्चे का स्वास्थ्य ठीक होता जायेगा |
खेती संबंधी टोटमा :- कद्दू या बैगन के खेतो में एक हाँडी में कालिख पोतकर (लगाकर) उस पर चूना का टीका लगाया जाता हैं उसके ऊपर गोबर का एक गोला बनाकर उसमें लाल मिर्च लगाकर खेत मे रख कर टोटमा किया जाता हैं ताकि किसी की नजर खेत और सब्जी पर न पड़े-
Posted on: Feb 16, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
कह रहा हूँ बात ये, कानून के आधार पर...रचना
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार महेश कटारे सुगम की रचना सुना रहे है :
कह रहा हूँ बात ये, कानून के आधार पर-
जब कोई भूखा मरे इलज़ाम हो, सरकार पर-
क्यूँ हुयी अगवा कोई लड़की, शहर के दरम्यां-
केस चलना चाहिए नाकाम, थानेदार पर-
आ गयी बारूद कैसे, जल उठा सारा शहर-
क्यूँ नहीं ऊँगली उठाई जाये, नाकेदार पर-
खाद ,बिजली और पानी को, तरसता है किसान-
क्यूँ नहीं आरोप रक्खा जाये, ओहदेदार पर-
माल खाया ,जेब भर ली, और मालिक बन गए-
अब नज़र रखना पड़ेगी, चोर चौकीदार पर...
