भाजी तोड़े ला आबे ओ-मोर गांव के उन्हारी मा...छत्तीसगढ़ी गीत -

थाना-सरकंडा, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से अजय साहू एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
भाजी तोड़े ला आबे न मोरे गांव के उन्हारी मा-
ला-ला लल लाल लाल-सपते रबे कुआँ बारी मा-
सफेरे चिउरा बारी मा चिउरा के उन्हारी मा-
मया के गोठ गोठीयल होठ मा होठ मिला लेबो-
सपते रबे कुआँ बारी मा-चिउरा के उन्हारी मा-
भाजी तोड़े ला आबे ओ-मोर गांव के उन्हारी मा...

Posted on: Aug 16, 2018. Tags: AJAY SAHU BILASPUR CHHATTISGARH CHHATTISGARHI SONG SONG VICTIMS REGISTER

राजी रायली बुलो लो देव से देव से बुला लो रे राम...शादी गीत

ग्राम-जनावल, प्रखण्ड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से फुल्मिना कुजूर और बिर्जत कुजूर एक शादी गीत सुना रहे है गीत का अर्थ है शादी के लिए लड़की ढून्ढ रहे है और लड़की नही मिल रही है:
राजी रायली बुलो लो-
देव से देव से बुला लो रे राम-
आयो नही मिले बईया-
आरोऊ रोजो रे सानिया-
यो रे दनी मिले रे बईया-
राव रोजो रे कनिया – राजी रायली बुलो लो-
देव से देव से बुला लो रे राम...

Posted on: Aug 16, 2018. Tags: BIRJAT KUJUR FULMINA KUJUR GUMLA HINDI SONG JHARKHAND SONG VICTIMS REGISTER

बेला फूले आधी रात की माला किसके गले डालूं...गीत

चांदनी बिहारपुर, ग्राम-नवगई, तहसील-ओड्गी, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से शुभम जैसवाल एक गीत सुना रही है:
बेला फूले आधी रात की माला किसके गले डालूं-
राम गले डालूं की सीता गले डालूं-
वो तो गये बनवास की माला किसके गले डालूं-
शिव गले डालूं कि पार्वती गले डालूं-
वो तो गये कैलाश की माला किसके गले डालूं-
राधा गले डालूं की कृष्ण गले डालूं-
वो तो गये मथुरा की माला किसके डालूं...

Posted on: Aug 16, 2018. Tags: CHHATTISGARH HINDI SONG SHUBHAM JAISWAL SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

घरी-घरी तोर सुरता आवे, भुलाओं नही संगवारी...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-बगडापारा, सरईडोहर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से देवानंद एक छत्तीसगढ़ी प्रेम गीत सुना रहे हैं:
घरी-घरी तोर सुरता आवे, भुलाओं नही संगवारी-
देखे बिना मोर जीवरा नई माने कैसे करो संगवारी-
मोर जिवारा ला मोर नयना ला झन तरसाओ गोरी-
अरे आ रे दीवानी मोर संग आजा रे-
माया पिरित के बंधा गेहे बंधना अमर हो गए है निशानी...

Posted on: Aug 16, 2018. Tags: CHHATTISGARHI DEVANAND SONG SURAJPUR CHHATTISGARH VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर: हल्दी वनों में पाई जाती है और घरो में भी लोग लगाते हैं, यह भोजन भी है और दवाई भी -

सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-बईहा सालेभाट, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बस्तीराम नागवंशी गाँव के गजेन्द्र सिंह वट्टी से बात कर रहे हैं जो उनको हल्दी के बारे में बता रहे हैं जो उनकी बाड़ी में लगा हुआ है वे बता रहे हैं कि हल्दी के पौधे को वे लोग जुलाई माह में लगाते हैं, और जब उसका पौधा सूख जाता है तो उसका कंद निकालते हैं, वही हल्दी है इस हल्दी का उपयोग खांसी होने पर दूध के साथ सेवन करते हैं, शादी में इसका लेप दूल्हा-दुल्हन के शरीर पर लगाते हैं, भोजन में भी उसका उपयोग होता है, चेहरे की फुंसिया दूर करने में भी उपयोग करते है, ये जंगल में पाया जाता है और लोग घरो में भी लगाते हैं |

Posted on: Aug 16, 2018. Tags: GAJENDRA SINGH WATTI KANKER CHHATTISGARH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

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