सफल दाम्पत्य जीवन का राज...पति-पत्नी के ऊपर आधारित कहानी

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कहानी सुना रहे है:
एक बार की बात हैं सोसाइटी द्वारा सुखी सफल दाम्पत्य जीवन जी रहे परिवार को सम्मानित किया गया अगले दिन पत्रकार खुशी के रहस्य को जानने के लिए सम्मानित परिवार से मिले, पति द्वारा पत्रकार को बताया गया कि शादी के तुरंत बाद हनीमून मनाने मनाली गया, वहाँ पर घुड़सवारी के दौरान हमारी पत्नी को जो घोड़ा मिला वह थोड़ा बदमाश था, जैसे ही हमारी पत्नी घोड़ा पर बैठी घोड़ा ने उसे गिरा दिया .पत्नी ने उठते हुए घोड़ा को कहा यह पहली बार हैं और फिर घोड़ा पर बैठ गई, घोड़ा ने दुबारा गिरा दिया, पत्नी ने कहा यह दूसरी बार हैं जब तिसरी बार भी घोड़ा ने मेरी पत्नी को गिराया तो पत्नी ने कुछ नहीं बोला बल्कि अपने पर्स से रिवाल्वर निकाला और उसी समय घोड़ा को गोली मार दिया, यह देखकर फिर मुझे अपने पत्नी को कभी भी कुछ नहीं कहा और यहीं सफल दाम्पत्य जीवन का राज है-

Posted on: Feb 15, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

देखा हुआ सा कुछ है, तो सोचा हुआ सा कुछ...निदा फाज़ली की ग़ज़ल-

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक निदा फाज़ली की ग़ज़ल सुना रहे हैं :
देखा हुआ सा कुछ है, तो सोचा हुआ सा कुछ-
हर वक़्त मेरे साथ है, उलझा हुआ सा कुछ-
होता है यूँ भी रास्ता खुलता नहीं कहीं-
जंगल-सा फैल जाता है, खोया हुआ सा कुछ-
साहिल की गिली रेत पर बच्चों के खेल-सा-
हर लम्हा मुझ में बनता बिखरता हुआ सा कुछ-
फ़ुर्सत ने आज घर को सजाया कुछ इस तरह-
हर शै से मुस्कुराता है रोता हुआ सा कुछ-
धुँधली सी एक याद किसी क़ब्र का दिया-
और मेरे आसपास चमकता हुआ सा कुछ...

Posted on: Feb 15, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

स्वतंत्र भारत अमर रहे मै मेरा कर्तव्य भारत...देशभक्ति कविता

साहेबगंज, जिला-मुज़फ्फरपुर (बिहार) से पेंटर मो.आयुब अंसारी एक कविता सुना रहे हैं:
स्वतंत्र भारत अमर रहे मै मेरा कर्तव्य भारत-
मै भारत भूमि में जन्म लिया भारतीयता मेरा धर्म ईमान-
हे माँ भारती तेरी रक्षा में खून का एक-एक कतरा कर दूँगा कुर्बान-
भारत भूमि मेरी मात-पिता समग्र भारत मेरा खानदान...

Posted on: Feb 14, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

बाप कह्य्या बेटा, पढ्या, केना जन्य्या ऊ की कर्र्य्या...भोजपुरी कविता

ग्राम-बिसनपुर बकरी, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक भोजपुरी कविता सुना रहे है :
बाप कह्य्या बेटा, पढ्या, केना जन्य्या ऊ की कर्र्य्या-
आठ बजे सूत के उठ्य्या, बिना मुह धोइले चाय पियय्या-
खैनी खाएला लूस फूस, कर्र्य्या-
बिना नहेला, किना जव्य्या-
कहेला की आत्मा में, पढ्या-
लेकिन सात के पहाडा में, आठ बार भुलय्या...

Posted on: Feb 14, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

उनको मालूम न कर, सताने की हद...रचना

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सुजीत कुमार की रचना सुना रहे है :
उनको मालूम न कर सताने की हद-
आप भी रखिए अपनी दीवानगी की हद-
इससे पहले की कोई रुसवाई हो-
जानिए इश्क को जनाते की हद-
अश्क बह जाना भी कभी, जरुरी है-
उनको मालूम न कर, सताने की हद...

Posted on: Feb 14, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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