फूल तो मुरझाएंगे बस तितलियाँ रह जायेंगी...कविता-
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कविता सुना रहे हैं :
फूल तो मुरझाएंगे बस तितलियाँ रह जायेंगी-
एक दिन हर रूप पे कुछ झुर्रियां रह जायेंगी-
जिन्दगी की हर कथा का अंत देखा है यही-
आंसुओं की एक कथा सिसकियाँ रह जायेंगी-
लाख करले हम जतन पर सत्य कहता है यही-
छोड़ जाएंगे जहां ये बस्तियां रह जायेगीं – लाख करले हम जतन पर मुस्कुराकर-
सबके हिस्से तय सुदा एक अँधेरा दोस्तों-
आपके पास ही क्या कुछ बिजलियाँ रह जायेंगी-
शान-शौकत और रुतबा कब तलक रहता यहाँ-
तुम हटोगे और हसती कुर्सियां रह जायेंगी-
फूल तो मुरझाएंगे बस तितलियाँ रह जायेंगी...
Posted on: Feb 23, 2019. Tags: SONG VICTIMS REGISTER sunil kumar
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : पलाश के पत्तल में भोजन करने पर खून शुद्ध होता है...
पत्तल-दोने में भोजन करने के गुण- पलाश के पत्तल में भोजन करना सोने के बर्तन में भोजन करने के बराबर होता है केले के पत्तल में भोजन करना चांदी के बर्तन में भोजन के बराबर है.पलाश के पत्तल में भोजन करने पर खून शुद्ध होता है इसी तरह कई बृक्ष हैं जिनके पत्तल में भोजन करने से बीमारी तक ख़त्म हो जाती है यह प्रथा पहले चलती थी लेकिन अब बर्तनों के चलन में इनको नजर अंदाज किया जा रहा है इसके लिए तो आन्दोलन तक चलाये गए जैसे चिपको आन्दोलन। आज के आधुनिक बर्तनों के रख-रखाव में भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है जैसे उन्हें धोने पर पानी की जरूरत होती है जिसके कारण पानी का नुकसान होता है इसलिए हमारे पूर्वज पत्तलों के ऊपर ज्यादा निर्भर हुआ करते थे | सुनील कुमार@9308571702
Posted on: Feb 23, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
गर तुझको जिहाद छेड़नी है, तो बुराई से छेड़...शिक्षा पर कविता
ग्राम-धीरी, पोस्ट-जैतपुरी, तहसील-बैहर, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से जगदीश कुमार मरकाम शिक्षा को लेकर एक कविता सुना रहे है :
गर तुझको जिहाद छेड़नी है, तो बुराई से छेड़-
गर और चाहे हर ओर खुशी, शुरु हो भौर पड़ाई से-
झूठ कपट, बैमानी का , फ़ैला जो जंजाल-
कसम उठा ले इन्हें मिटाने, हो शिक्षित तत्काल-
भारत की पावन धरती से, सारे असत्य मिटा दे-
वीर देश का वीर पुत्र तू, जग को नई दिशा दे...
Posted on: Feb 23, 2019. Tags: JAGDISH KUMAR MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
माटी होही तोर चोला रे संगी...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-रामनगर, पोस्ट-महेवा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी शांती एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही हैं :
माटी होही तोर चोला रे संगी – माटी से उपजे माटी मा बढ़े माटी मा मिलना है तोला – माटी के घर मा माटी के भुईयां – लाख जतन करे माटी के दुनिया – बड़े मन के नई बाचिस कौन कहे अब तोला – चारेच दिन के सुघर मेला आखिर में सब माटी के ढेला...
Posted on: Feb 23, 2019. Tags: KUMARI SHANTI SONG VICTIMS REGISTER
नगर निकाय चुनाव नजदीक महिला प्रत्याशी गुडिया देवी से खास बातचीत
सुनील कुमार, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से यात्रा के दौरान ,जिले में हो रहे चुनाव् में उतरी महिला प्रत्याशी गुडिया देवी से खास बातचीत-
जिला-मुजफ्फरपुर के नगर निगम के वार्ड क्रमांक- 42 में लगातार तीन वर्षों से सरकार महिला सीट ही दे रही है जिससे यह पता चलता है कि राजनीति के क्षेत्र में भी महिलाओं की अच्छी भागीदारी हो रही है जिसके तहत इस वर्ष महिला प्रत्याशी गुडिया देवी मैदान है | वो कह रही हैं की जो भी निचले वर्ग के लोग हैं हम उनके साथ काम करना चाहते हैं उनकी समस्याएं जैसे राशन कार्ड ,पेंशन आदि में उनकी सेवा करना चाहते हैं जो भी कमियां हैं उनको पूरा करने की बात कह रही है साथी उन्हें शुभकामनाए दे रहे हैं | सुनील कुमार@9308571702


