वनांचल स्वर : जंगल से हमें बांस, करील, तेंदू, चार, महुआ, हर्रा और शाक सब्जी भाजी मिलता है...
ग्राम-भुरभुसी, पंचायत-तेकामेठा, तहसील-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सत्तूराम यादव उनके गाँव के जंगल से क्या-क्या फायदे होते है उसके बारे में बता रहे है जैसे बांस, करील, तेंदू, चार, महुआ, हर्रा, टोरी और बेहडा इन चीजो का फायदा उन लोगो को जंगल से मिलता है और उसके साथ शाक सब्जी भाजी भी मिलता है जैसे- चिरोटा, खिलयारी भाजी, कोयलारी भाजी और चुनचुनिया भाजी भी मिलता है और यह बाजार वाला भाजी से जंगल वाला भाजी खाने में अच्छा लगता है और उससे समय और पैसा दोनों बचते है| जंगल से हमे शुद्ध हवा भी मिलता है उससे हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है|जंगल है तो बारिश होता है जंगल ख़तम हो जाएगा तो कुछ नहीं बचेगा...
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG KANKER PAKHANJUR SATTURAM YADAV SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना...बाल कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे है:
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना-
मेरे घर के छप्पर में आकार उसे ना उजाड़ना-
बड़ा महंगा पड़ता है, फिर उनको संवारना-
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना-
बंदर मामा बंदर मामा-
केले बाड़ी में तुम न आना – मेरा केला के बाड़ी में आकर-
उन्हें तुम न उजाड़ना-
बड़ा महंगा पड़ता है उन्हें फिर लगाना-
बंदर मामा बंदर मामा शोर ना मचाना...
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG CHILDREN KANAHIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मेरे गाँव में मोबाईल नेटवर्क की समस्या है, शिकायत करने के बाद भी कोई अधिकारी नहीं सुनते हैं...
ग्राम पोस्ट-चोरबरी, तहसील-रघुराजनगर, जिला-सतना (मध्यप्रदेश) से विक्रम सिंह का कहना है कि उनके गाँव में अभी भी मोबाईल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है, अगर मोबाइल में बात करना है तो आपको गाँव के बाहर जाना पड़ता है और इससे सभी ग्रामीणों का बहुत सारा काम बाधित होता है इस संबंध में कई बार शिकायत भी किया गया है लेकिन अभी तक समस्या का निराकरण नहीं हुआ है, भारत को डिजिटल इंडिया का नाम देने वालो पर शर्म की बात है, कृपया इन अधिकारियों से बात कर हम ग्रामीणों की मदद करे: सुचिष्मिता सक्सेना अपर कलेक्टर@9826065425, बलवीर रमन एस. डी. एम.@9425192835. विक्रम सिंह@9755459664
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: MOBILE NETWORK MP RAGHURAJNAGAR SATNA SONG VICTIMS REGISTER VIKRAM SINGH
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हर दिन पढ़ने जायेंगे...कविता
ग्राम पंचायत-ताड़वेली, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अनीश कुमार और नवीन कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जायेंगे-
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हर दिन पढ़ने जायेंगे-
छोटे-छोटे हाथ हमारे गड्ढे खूब बनायेंगे-
इन गड्ढे में अच्छे सुन्दर पौधे खूब लगायेंगे-
घर आँगन को साफ रखेंगे गलियाँ साफ़ बनायेंगे-
कैसे जीना हमें चाहिए जीकर हम दिखलायेंगे...
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG GANESH AYAM HINDI KANKER KOELIBEDA POEM SONG VICTIMS REGISTER
किसान स्वर: जैविक खेती से स्वास्थ्य अच्छा रहता है पर हम सब रासायनिक खाद उपयोग करते हैं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-भुरभुसी, पंचायत-जबेली, पोस्ट-तेकामेटा, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) पहुँची है वहां से अमर मरावी को गाँव के किसान रैनू राम कोला बता रहे हैं कि उनके गाँव (क्षेत्र) में सबसे अधिक धान की खेती करते हैं इस खेती की शुरुआत जुलाई महीने से होती है, इसमें वे समय-समय पर कम्पोस्ट खाद, डी.ए.पी. यूरिया, पोटाश आदि देते हैं| कीटनाशक 2-4-D का छिडकाव भी करते हैं, जिससे किसी भी तरह का कीट नही लगते हैं, यद्यपि इस क्षेत्र में अधिकतर किसान अभी रासायनिक खाद का उपयोग करते है पर वे कह रहे हैं कि जैविक खाद में अधिक पोषक तत्व होने के कारण इसे खाने में भी स्वाद और शरीर स्वास्थ्य को वह भोजन अधिक ताकत प्रदान करता है...
