Many villages in adivasi areas without anganwadi, complaints do not work...
Brijesh Yadav from Rewa in MP is telling us that they did a survey 3 months back about malnutrition in the area in children and found that many villages which have more than 50 children at the age group of 0-5 do not have an anganwadi which is mandatory as per law. He says we sent the list to Commissioner of Supreme Court in state and all concerned state officials but there is no action after 3 months. For more Brijesh Ji can be reached at 08769061491
Posted on: Mar 07, 2013. Tags: Brijesh Yadav
What is domestic violence? What should you do when you hear/encounter...
Usha Yadav from Rewa in Madhya Pradesh is telling us about the laws on domestic violence on women and what to do when one hears or faces violence. She is also explaining what all constitues violence according to law. For more Usha Ji can be reached at 09752437223
Posted on: Mar 02, 2013. Tags: Usha Yadav
जीवन में कुछ करना है तो मन को मारे मत बैठो...एक प्रेरणा गीत
Balbir Singh Yadav from Chhindwwada district in Madhya Pradesh is singing a song for us:
जीवन में कुछ करना है तो मन को मारे मत बैठो,
आगे आगे बढ़ना है तो हिम्मत हारे मत बैठो
चलने वाला मंजिल पाता, बैठा पीछे रहता है
ठहरा पानी सड़ने लगता, बहता निर्मल होता है
पाँव मिले चलने के खातिर, पाँव पसारे मत बैठो
तेज दौड़ने वाला खरा दो पग चलाकर हार गया
धीरे धीरे चल कछुआ देखो बाज़ी मार गया
चलो कदम से कदम मिलाकर दूर किनारे मत बैठो
धरती चलती तारे चलते चाँद रातभर चलता है
किरणों का उपहार बांटने सूरज रोज निकलता है
हवा चले तो महकें बिखरे तुम भी प्यारे मत बैठो
Posted on: Feb 24, 2013. Tags: Balbir Yadav
हम लोग हैं ऐसे दीवाने दुनिया को बदल कर मानेंगे...एक संघर्ष गीत
Balbir Singh Yadav from Chhindwada district in Madhya Pradesh is singing a struggle song: हम लोग हैं ऐसे दीवाने दुनिया को बदल कर मानेंगे...
Posted on: Feb 21, 2013. Tags: Balbir Yadav
दिन में आलू बेचना तो रात रात भर जागकर RTI आवेदन लिखना ...एक कविता
एक था RTO का दलाल
शराबी भी था और शौकीन भी
दलाली कर पैसा कमाना जिसका था शगल
जिसे न परिवार की चिंता थी न समाज की
बस रहता था नशे में मस्त
पर एक दिन की घटना ने जिसकी बदल दी अक्ल
और फिर RTO की दलाली से निकला एक RTI कार्यकर्ता
नशे की लत छूटी और शौक ने समाज सेवा का रूप ले लिया
जुनून ऐसा कि जिसके हाथ RTI आवेदन लिखते लिखते थकते नहीं
और मुँह से RTI के लिए आवाज बंद होती नहीं
स्वास्थ विभाग हो या फिर राशन विभाग
शंकर सिंह का RTI आवेदन आपको जरूर मिलेगा
डीएम हाउस से लेकर पीएम् हाउस तक शंकर सिंह के नाम की चर्चा है
कहते है किसी भी विभाग से सूचना दिलाने की ताकत रखता है ये बन्दा
पर जिंदगी का भी खेल देखिये साथियों
समाज के लिए लड़ने वाले के घर में
रोटी-दाने का इंतजाम करने वाला कोई नहीं
बीमार बच्चे के इलाज की भी कोई व्यवस्था नहीं
एक समय ऐसा भी आर्थिक कंगाली से जूझ रहे
परिवार के भरण पोषण का भी कोई इंतजाम नहीं
ऐसे में जिंदगी ने दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया जहाँ,
एक तरफ फिर से वही RTO की काली कमाई और दलाली का स्वर्ग था
तो दूसरी तरफ मेहनत और ईमानदारी की आलू की ठेलिया का गर्व था
साथियों एक आम आदमी की नैतिकता और इंसानियत की अनूठी मिसाल देखिये,
घोर विपत्ती के समय में भी इस आठवी पास व्यक्ति ने
ईमानदारी का दामन नहीं छोड़ा
और RTO की दलाली का रास्ता ठुकराकर, आलू की ठेलिया से नाता जोड़ा
जीवन के इस कठिन मोड़ पर भी शंकर सिंह ने RTI से मुंह न मोड़ा
और अपनी आलू की ठेलिया से ही RTI की मुहीम को फिर छेड़ा
दिन में आलू बेचना तो रात रात भर जागकर RTI आवेदन लिखना
यहाँ तक कि हर आलू खरीदने वाले को RTI का इस्तेमाल करना भी सिखाना
इसे शंकर सिंह का जूनून ही कहेंगे जिसने
उन्हें आलू की ठेलिया से ‘जनता सूचना केंद्र” तक पहुँचाया
आज वे एक बार फिर से अपने इस जनता सुचना केंद्र के माध्यम से कमजोर और असाहय लोगो के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे है
यह कविता प्रसिद्ध RTI कार्यकर्ता शंकर सिंह के जीवन से प्रेरित है।
