लीचिया लाले लाल ए सैया मुजफ्फरपुर से लईह...लीची फल गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार लीची फल के ऊपर आधारित एक गीत सुना रहे है :
लीचिया लाले लाल-
ए सैया मुजफ्फरपुर से लईह-
नहीं खईब सईया त बड़ा पछतईब-
स्वीट सीटी के फल रसदार-
लीच्छवि वैशाली,गोंदिया एक्सप्रेस-
जाईला मुजफ्फरपुर-
लाल, पीयर, हरियर बाटे एक्कर बा छिलकिया-
बीच रसदार बाटे अमृत बाटे गुदिया-
बीज बाटे एक्कर छोट -छोट-
ए सईया मुजफ्फरपुर से लईह...
Posted on: Feb 26, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
मोदी जी हजार पानसौवा...भोजपुरी गीत
ग्राम-झुलरिया, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) हिमांसु कुमार यादव एक भोजपुरी गीत सुना रहे हैं :
मोदी जी हजार पानसौवा-
के बंद कैले नोट ओ-
बोरा में जेबी भर के रख ले-
रोवथे लोट पोट हो...
Posted on: Feb 26, 2019. Tags: HIMANSHU KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER
धरती ला काट-काट ये चौरा छवावे लोलो, ये धरती ला काट काट...डोमकच्छ गीत-
ग्राम पंचायत-ओमझर, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजकुमार एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं:
धरती ला काट-काट ये चौरा छवावे लोलो-
ये धरती ला काट काट-
चौरा छवावे रे झालर खुटा लो रे मोर मडवा छनाय-
धरती ला काट-काट ये चौरा छवावे लोलो...
Posted on: Feb 25, 2019. Tags: CG ODGI RAJKUMAR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
दरोगा जी हो चार दिन से पियावा फल पाता...लोकगीत -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक लोकगीत सुना रहे है:
सोची-सोची जिया हमरो काहे घबराता-
दरोगा जी हो चार दिन से पियावा फल पाता-
शहर में खोजनी बा जरिया बजरिया-
कतई बलम भी न आवेले नजरिया-
कतनो लगावा तानी लगात नहीं के पता-
दरोगा जी हो चार दिन से पियावा फल पाता...
Posted on: Feb 25, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
जल बचाओ का पाठ पढ़ा रहे शहर के निवासियों की, जल है तो जीवन है...
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार मुजफ्फरपुर शहर में पानी की व्यवस्था को लेकर जानकारी दे रहे है वह बता रहे है कि राज्य सरकार के 7 सूत्रीय कार्य योजना के तहत घर-घर नल जल योजना थी उसी के तहत शहर में नल जल का घर घर काम चल रहा है, वह पानी को लेकर चिंतित भी है सुनील कुमार बता रहे है सरकार का तो काम है ही पानी घर घर पहुँचाने का लेकिन लोगो की भी जिम्मेदारी बनती है की हम व्यर्थ में पानी को नही बहने दे पानी उतना ही ले जितना खर्च करना है, अभी शहर में हेंडपम्प का पानी भी निचे चला गया है एक समय था जब पानी की ज्यादा समस्या नही थी लेकिन पानी का ज्यादा दोहन करने से एवं व्यर्थ में बहा देने से दिनों दिन कम होता जा रहा है...

