ओरा बोरा मरमा दाई काको सोडे...गोंडी विवाह गीत
ग्राम-मंगता सालेभट्ट, तहसील-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सपना वट्टी के साथ सयेको बाई, जगमी और पार्वती एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे है:
रे राला रे लोयो रे राला रे रालाय-
ओरा बोरा मरमा दाई काको सोडे-
हिंगना का बुंगना रो सोये-
रे राला रे लोयो रे राला रे रालाय...
Posted on: Sep 09, 2018. Tags: CHHATTISGARH GONDI JAGMI KANKER MARRIAGE PARWATI SAIYKO BAI SONG
स्वास्थ्य स्वर : दस्त और पेट मरोड़ का घरेलू उपचार-
ग्राम-घोंघा, थाना-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य भगतराम लांजित
पेचिस और पेट मरोड़ का घरेलू उपचार बता रहे हैं, तुलसी पत्ता 2 मासा, आंवला का चूर्ण 4 मासा, काला नमक और मिश्री आवश्यकतानुसार सभी को आधा पाव दही में मिलाकर सेवन करने से लाभ मिल सकता है, बच्चो को आधा-आधा चम्मच दिन में तीन बार और बड़ो को 2-2 चम्मच दिन में तीन बार सेवन करना है, अधिक जानकारी के लिए दिए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@7389964276.
Posted on: Sep 09, 2018. Tags: BHAGATRAM LANJIT CHHATTISGARH HEALTH KABIRDHAM SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
अग्गा रे बोगढा चूड़ी रोय नुनी...गोंडी गीत
ग्राम-आमाखाडा, पंचायत-केलेप्रस, तहसील-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुभाय, फूलबती और रजनीबाई एक गोंडी गीत सुना रहे है
री री लो री लो री री लो री लो री लोय-
अग्गा रे बोगढा चूड़ी रोय नुनी-
अग्गा रे बोगढा चूड़ी रोय-
सेयु रे संवार साटुम रोय नुनी-
सेयु रे संवार साटुम रोय-
नुनी सेयु रे संवार साटुम रोय....
Posted on: Sep 09, 2018. Tags: CHHATTISGARH FULBATI GONDI KANKER RAJNI BAI SONG SUBHAAY
तेरी आरती उतारूँ रे, जय-जय संतोषी माता जय-जय माँ...भजन
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवती, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक भजन सुना रहे हैं :
तेरी आरती उतारूँ रे, जय-जय संतोषी माता जय-जय माँ-
मै तेरे दर आया माँ, जय-जय संतोषी माता जय-जय माँ-
दया करो माँ, कृपा करो माँ-
तेरे बिना कोई नही जीता माँ-
तू ही सबके दुखो को हरने वाली है-
तू ही सबके प्राणों के रक्षा करने वाली है...
Posted on: Sep 09, 2018. Tags: BHAKTI CG DURGESH PATEL PRATPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
ज्यादा घूमा फिरा न करो शैतान घूमते है...चुटकुला
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़,(छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक चुटकुला सुना रहे हैं:
पिता: बेटा अँधेरी रात में ज्यादा घूमा फिरा न करो शैतान घूमते है-
बेटा : पिता जी आप रात-रात भर घूमा करते है, आपको शैतानो से डर नही लगता है-
पिता: बेटा अब तो मै बड़ा हो गया हूँ जब मै छोटा था, तो बहुत डरता था मेरा पिता तेरे दादा जी यही कहा करते थे-
बेटा : पिता जी आप डरते थे इसलिए आप भी मुझे डरा रहे हैं पर मै तो नया जमाने का हूँ आज शैतानों से कोई नही डरता है तो मै क्यों डरूं-
पिता : बेटा शैतानों से न दोस्ती करनी चाहिए न दुश्मनी करनी चाहिए दोनों ही महंगा पड़ता है-
बेटा : पिता जी शैतानों से दोस्ती ही करना चाहिए उससे लाभ ही लाभ है मैने उनसे दोस्ती की है...
