स्वास्थ्य स्वर : गौ मूत्र के आयुर्वेदिक गुण और प्रयोग-
सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी बता रहे हैं, भारत के प्राचीन हिन्दू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, मान्यतानुसार गाय की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई है, गाय के मूत्र में रोगों से लड़ने की क्षमता होती है, गौ मूत्र में कैल्सियम, सोडियम, पोटेसियम, इंजाइम तथा सभी विटामिन का समावेश होता है, इसमें थायराइड, टीवी, ब्लड प्रेसर, शुगर, चर्म रोग, दमा, खासी तथा कैंसर जनित रोगों में सुबह ताजा गौ मूत्र सेवन करने से लाभ मिल सकता है, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : रमाकांत सोनी@9589906028.
Posted on: Sep 17, 2018. Tags: CG COW HEALTH MUNGELI RAMAKANT SONI SONG SWASTHYA SWARA URINE VICTIMS REGISTER
रुचा-रुचा रे साथी बोले, खोंदो पहारे बांसा काट...कर्मा गीत-
ग्राम-धुमाडांड, पोस्ट-गोविंदपुर, थाना-चंदोरा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से शिवबालक सिंह श्यामले एक कर्मा गीत सुना रहे हैं, जिसे भादो के महीने में गाया जाता है :
रुचा-रुचा रे साथी बोले, खोंदो पहारे बांसा काट-
रुचा-रुचा रे साथी बोले, बडखा पहारे बांसा काटे-
बडखा पहारे बांसा काटे हाय रे-
रुचा-रुचा रे राती बोले बडखा पहारे बांस काटे हाय रे...
Posted on: Sep 17, 2018. Tags: CG KARMA SHIVEBALAK SINGH SHYAMLE SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
हय रे पीया यहा बैमान खुदसी-खुदसी जिव ला ले...सरगुजिया फागुन गीत
ग्राम पंचायत-बेकारीडांड, विकासखंड-ओड्गी, जिला-सुरजपुर, (छत्तीसगढ़ी) से गणेश सिंह आयाम सरगुजिया भाषा में एक फागुन गीत सुना रहे हैं:
नही तो लिखे नही पढे ये नही कलम धरे-
कलम धरत मोके लाज लागे-
काला लिख के दिखांव खुदसी-खुदसी जिव ला ले-
हय रे पीया यहा बैमान खुदसी-खुदसी जिव ला ले-
नही तो लिखे नही पाढे ये नही कलम चलाय-
कलम चलते मोला लाज लागे...
Posted on: Sep 17, 2018. Tags: CG FAGUN GANESH SINGH AYAM ODGI SARGUJIHA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
बकरी चराने वाले समारू और मंगलू उरांव की छत्तीसगढ़ी कहानी...
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कहानी सुना रहे हैं: चिर्रू नाम का एक उरांव रहता था, उसके दो बेटे थे जिसका नाम समारू और मंगलू जिसमे सम्हारु बहुत होशियार था, मंगलू होशियार नही था, चिर्रू खतम हो गया और उसके पत्नी वृद्ध हो गई घर के सभी जिम्मेदारी दोनों भाई के ऊपर आ गया| वे दोनों गाँव के बकरी चाराने लगे एक दिन समारू, मगलू से कहा जा रे बकरियों को चारा-चराकर ले आओ, वह थोड़ा चना रखा और चला गया मंझनिया के समय बकरियों को पानी पिला के और महुआ के छाया में सो गया, बकरी बैठ के चारा को पागुर ले रहे थे मंगलू अपने मन में विचार किया, ये बकरी मुझे लड़ने को कह रहे हैं, ये सोचकर जंगली पासा में सभी बकरियों के मार दिया सभी बकरी मर गये, और वे घर वापस अ गया समारू, मंगलू से पूछा बकरियाँ कहाँ हैं, बताया वो मुझे लड़ने के लिए चगली कर रहे थे तो मै उन्हें पासा से मार दिया, फिर मंगलू सोचा कि बकरी हमें नही छोड़ते और वह जाके सभी बकरी को भुदरा में ले जाके छुपा दिया और बकरियों के मालिकों को कह दिया सभी बकरियों को (बिग्वा) चीता खा गया, सभी लोग अपने-अपने बकरियों को खोजने गये, लेकिन एक भी नही पाए सभी मालिक चुपचाप रह गये, अर्थात ये कि व्यक्ति को हमेशा होशियार रहना चाहिए:
Posted on: Sep 17, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
भाजपा हर आईस अउ जनता ला परिसान करिस...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
भाजपा हर आईस अउ जनता ला परिसान करिस-
भाजपा कर राज में जल जंगल हर बेचाईस-
अउ बहार से बड़े-बड़े कम्पनी ला बलाईस-
भाजपा कर राज आईस अउ जनता ला परिसान करिस-
अउ विकास कह-कह के नेता चमचा मन हमके ललचाईन-
बोट ला देवाईन अउ ये मन हमके ला घसीट-घसीट के लुटत हैं-
कोट में कचेहरी में हर जगह काकरोच फैसला नइ सुनावत आएं...
