गुलामी नहीं करनी चाहिये...कहानी-
जिला-राजनांदगाँव छत्तीसगढ़ से विरेन्द्र गंधर्ब एक कहानी सुना रहे हैं:
बहुत समय की बात है जब एक दिन स्वामी विवेकानंद भ्रमण के लिये निकले तो वे एक गाँव में पहुंचे, उन्होंने देखा कि कुछ महिलायें कुआ के पास पानी भरने के लिये खड़ी हैं लेकिन पानी नहीं भर रही हैं, तब विवेकानंद उनके पास गये और पूछा तुम लोग पानी क्यों नहीं भर रहे हो, महिला ने उत्तर दिया, पानी का रहट हटाने के बाद पानी लेना पड़ता है और उसे हम नहीं उठा सकते हैं पहलवान आयेगा तो उठायेगा, स्वामी जी बोले गाँव में और कोई पुरुष नहीं है जो इसे उठा सकता है, महिला ने कहा पुरुष है लेकिन उसका काम कोई और करे तो उसका अपमान हो जायेगा, जिस पर वे बोले ये तो गुलामी है और उन्होंने रहट उठाकर सबको पानी दे दिया और महिलायें चली गयी, तभी पहलवान आया है और बोलने लगा आपने मेरा काम करके मेरा अपमान किया है और आपको मुझसे लड़ना पड़ेगा, तब स्वामी जी बोले पानी भरने के लिये पहलवान की आवश्यकता नहीं होती है उसे तो कोई भी कर सकता है लेकिन पहलवान नहीं माना, तब स्वामी जी ने एक रुमाल भिगोकर दिया और कहा इसे निचोड़ो इसमे एक बूंद पानी नहीं बचना चाहिये, पहलवान उनकी बात मानकर रुमाल निचोड़ा लेकिन रुमाल में पानी बच ही जाता तो उसने हार मान लिया| (AR)
Posted on: Jul 15, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHRV
अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए मेहनत और अभ्यास जरुरी है...रघुकथा
जिला-राजनंदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गन्धर्व हमारे सीजीनेट सुनने वाले श्रोताओं को एक रघुकथा सुना रहे हैं:
एक विद्यार्थी था जो हमेशा ही कक्षा में अनुतीर्ण हो जाता था क्योकि वह पढाई करता नहीं था पढाई में उसका मन लगता नहीं था और जब वे अनुतीर्ण होता था तो कभी इस्वर को कोचता था कभी गुरुजनों कोचता था इसी में उसका जीवन बाढ़ रहा था गर्मियों कि छुट्टियों में एक दिन वह अपने मामा के गाँव गया वहाँ भोजन के बाद निकल गया घूमने के लिए तो देखता है एक कुआँ है कुएं के पास बाल्टी है पर खीचने के लिए रस्सी नहीं है तो आते-जाते लोग कोचते थे कि बाल्टी रखी है रस्सी नहीं है तो हम पानी कैसे पियेंगे एक आदमी आया तो उसने सोचा पानी मुझे पीना है तो मेहनत मुझे करनी होगी वहां पे नारियल का पेड़ था तो उसने नारिया तोडा और नारियल के छिलके से रस्सी बनाई और बाल्टी में फसाकर कुएं से पानी निकालकर खुद पिया और दूसरों को भी पिलाया तो वो देकता रहा फिर उसने सोचा पानी पीने के लिए ये इतनी मेहनत कर सकता है तो मै मेहनत करूँगा तो क्यूँ नहीं आगे बढ़ सकता तो उसका ज्ञान आगया और वो पढाई में मन लगाकर पढने लगा | तो बात सत्य है हर काम में प्रगति करने के लिए मेहनत आवश्यक है और अभ्यास आवश्यक है अभ्यास ही गुरु है: संपर्क नंबर @9098921436 CS
Posted on: Jul 07, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDR GANDHRV RAJNANDGAON CG
स्वास्थ्य स्वर : बिच्छु के काटने व जहर उतरने का औषधि बता रहें है...
बैधराज रघुवेंद्र सिंह राय जिला टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश )से बता रहें |कि अक्सर ऐसे मौसम में बिच्छु के डंक लगने से लोग फाड़ फाड़ा जातें है और बहुत ज्यादा दर्द होता है उसके उपर दवाई बता रहें है |दावा नाम है निर्मली का पेड़ होता है उसे पत्थर पे पानी डाल के थोडा घिसें जिस जगह घिसा हुआ है उस जगह को लेकर के जन्हाँ बिच्छु ने डंक लगाया उसे अच्छी तरह से देख लेवे और डंक के उपर रखकर दावा देवे फिर दावा जो है चमड़ी को पकड़ लेगा और तब तक पकड़ा रहेगा जब तक की सारा दर्द खत्म नहीं कर देगा फिर वो अपने आप गिर जायेगा उसी फल को अपने पास रख ले वो फल दुसरो का भी जहर निकलने में काम आयेगा जब तक वो फल रहेगा बिच्छु का जहर उतरने में मदद करेगा बिच्छु के डंक ले लिए उतम औषधि है सम्पर्क न.@9519520931 jp
Posted on: Jun 30, 2020. Tags: BAIDHRAJ JILA MADHYAPERDESH ROY SINGH SONG TIKAMGAD VICTIMS REGISTER
Impact : साथियों के मदद से 30 किलो राशन मिला, रासन कार्ड बनवाने में सहयोग करें...
ग्राम पंचायत-बहोसड़, जनपद-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से बिनोद कुमार मिश्रा बता रहे हैं कि उनको 30 किलो राशन मिला है, इसके लिये मदद करने वाले सभी श्रोताओं को धन्यवाद दे रहे हैं, उनका कहना है उनका राशन कार्ड नहीं बना है इसलिये राशनकार्ड बनवाने में मदद करें जिससे प्रति माह राशन मिल सके| संपर्क नंबर@9825886722.(AR)
Posted on: Jun 23, 2020. Tags: BINOD KUMAR MISHRA IMPACT STORY MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
शिकंदर ने कहा सुकराज से तुमको क्या लाऊंगा...कविता-
जिला-भदौनी (उत्तर प्रदेश) से अजय मिश्रा एक कविता सुना रहे हैं:
शिकंदर ने कहा सुकराज से तुमको क्या लाऊंगा-
विजय डंका बजाकर हिन्द से लौट आऊंगा-
कहा सुकराज ने राजन विजय अगर हिन्द पर पाना-
हमारे वास्ते भारत से जाने तुम जब लाना-
हमर वास्ते लाना अमर पेटी कमल गीता की-
और मृतक मजदूर जाना तुम कहानी राम सीता की... (AR)
